30 साल से ज्यादा उम्र वाले केजीएमयू में नहीं बन सकेंगे नॉन पीजी जेआर
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में अब 30 साल से ज्यादा उम्र वाले डॉक्टर नॉन पीजी जेआर नहीं बन सकेंगे। अभी तक इसके लिए उम्र की बाध्यता नहीं थी। नॉन पीजी जेआर के संबंध में इसके साथ ही कई अन्य बदलाव भी किए गए हैं।
केजीएमयू और अन्य संस्थानों में स्वीकृत पदों पर रेजिडेंट की तैनाती होती है। सीट खाली बचने पर इन पदों पर नॉन पीजी जेआर की नियुक्ति की जाती है। सामान्य रेजिडेंट दाखिले के बाद अपनी पढ़ाई करता है। इसके साथ ही वह रोगियों के इलाज में भी सहयोग कर रहा है। दूसरी ओर नॉन पीजी जेआर सिर्फ मरीजों के इलाज में ही सहयोग करते हैं। केजीएमयू में रेजिडेंट के पद खाली होने पर काफी डॉक्टर लंबे समय से नॉन पीजी जेआर के रूप में काम कर रहे हैं। अब केजीएमयू ने इसके लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें 30 साल अधिकतम उम्र की बाध्यता रखी है। साथ ही सिर्फ उन डॉक्टरों को ही नॉन पीजी जेआर के रूप में नियुक्ति मिलेगी जिन्होंने अधिकतम तीन साल पहले अपनी एमबीबीएस या फिर बीडीएस की डिग्री हासिल की हो। यही नहीं, नॉन पीजी जेआर का अधिकतम कार्यकाल सिर्फ 18 महीने ही होगा। नए बदलाव तुरंत ही लागू होने हैं।