लखनऊ। हर साल बारिश के दौरान शहर के कई इलाके जलभराव से जूझते हैं। समस्या को दूर करने के लिए इस बार कई पुराने नालों को तोड़कर नए सिरे से बनाने का काम शुरू किया गया। हालांकि, नगर निगम की सुस्त रफ्तार और अतिक्रमण के कारण बारिश से पहले इसका काम पूरा होता नहीं दिख रहा है। ऐसे में जनता को एक बार फिर जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
शहर में राणा प्रताप मार्ग, पार्क रोड और इंदिरा नगर सहित कई इलाकों में पुराने नालों को तोड़कर उनकी जगह बड़े नाले बनाए जा रहे हैं। परेशानी की बात यह है कि जल निकासी की पुरानी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और नई बन नहीं पाई है। ऐसे में इस वक्त जल निकासी का कोई सिस्टम ही नहीं है। यदि 20 दिन में मानसून आ गया तो इन इलाकों में जलभराव की समस्या होगी।
सीएम ग्रिड के काम में ढिलाई से भी परेशानी
पार्क रोड को सीएम ग्रिड योजना के तहत बनाया जा रहा है। यहां पुरानी गहरी नाली को तोड़कर आरसीसी का नाला बनाया जा रहा है। इसमें भी देरी के कारण नाले का काम अधूरा है। अभी आधे नाले का भी काम नहीं हो पाया है। इसी तरह अलीगंज में भी कई जगह नाले का काम अधूरा है। इंदिरानगर के डी ब्लॉक में नाले का काम अधूरा पड़ा है।
यहां पटरी दुकानदारों की वजह से फंसा निर्माण
राणा प्रताप मार्ग पर सड़क की दोनों पटरियों पर पुराने नाले को तोड़कर गहरा आरसीसी का नाला बनाया जा रहा है। पटरी दुकानदारों की वजह से यह काम नहीं हो पा रहा है। नया नाला बनाने के लिए दुकानदारों को कुछ समय के लिए शिफ्ट करना जरूरी है, पर दुकानदार हट ही नहीं रहे हैं। नाले के आगे 20 से अधिक दुकानें हैं, जिससे मजदूरों और मशीनों का जाना तक मुश्किल है। नगर निगम ने इन दुकानदारों को हटने के लिए कहा तो है, पर सख्ती नहीं की। इस कारण काम पूरा नहीं हो पा रहा है। कोट
नालों का काम समय से पूरा हो, इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। जोनल अभियंताओं को इसके कड़े निर्देश भी दिए गए हैं। काम में ढिलाई पर ठेकेदार फर्मों पर जुर्माना लगाया गया।
महेश वर्मा, मुख्य अभियंता
इंदिरानगर में नालों पर कब्जा नए नालों का काम नहीं हुआ पूरा।
इंदिरानगर में नालों पर कब्जा नए नालों का काम नहीं हुआ पूरा।
इंदिरानगर में नालों पर कब्जा नए नालों का काम नहीं हुआ पूरा।
इंदिरानगर में नालों पर कब्जा नए नालों का काम नहीं हुआ पूरा।
इंदिरानगर में नालों पर कब्जा नए नालों का काम नहीं हुआ पूरा।