मनीष को गोद में उठाए पिता
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रात आठ बजे पुलिसकर्मियों ने धमकाते हुए कहा कि इसे समझा दो कि चोरी कुबूल कर ले। नहीं माना तो जेल भेज ही देंगे। इसके बाद वह किसी तरह बेटे को लेकर घर गईं। रात में हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात तक इलाज चलता रहा। शांति के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर बेटे की तबीयत ठीक होने पर शाम को उसे एसएसपी कलानिधि नैथानी के कैंप कार्यालय लेकर पहुंचीं। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) उत्तरी सुकीर्ति माधव का कहना है कि जिन पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया जा रहा है, उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।