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Lucknow News: नहीं आएगा ज्यादा अड़ंगा, पिलर पर बन जाएगी हैदर कैनाल पर रोड

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सदर ​स्थित हैदर कैनाल।
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प्रवेंद्र गुप्ता
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लखनऊ। मेट्रो, फिर ग्रीन कॉरिडोर और अब शहर में हैदर कैनाल एक्सप्रेसवे की योजना भी साकार होती दिख रही है, क्योंकि अब नए प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव किया गया है। इसमें कैनाल के किनारे के सभी कब्जों को हटाने के बजाय उतने ही कब्जे हटाए जाएंगे, जो जरूरी होंगे। इस योजना के पूरा होने के बाद 10 लाख की आबादी को फायदा होगा। योजना के तहत हैदर कैनाल पर मोहान रोड से कालीदास चौक (सीएम आवास) तक करीब 11 किमी लंबी फोरलेन सड़क बनेगी। इससे गाड़ियां शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों की जगह हैदर कैनाल के ऊपर फर्राटा भरेंगी।
हैदर कैनाल पर सड़क बनाने का प्रस्ताव करीब 30 साल से चल रहा है, मगर काम नहीं शुरू हो पाया है, क्योंकि इस पर करीब 600 करोड़ रुपये भारी बजट खर्च होना था। उस समय पीपीपी मॉडल पर इसे बनाने की योजना थी। इसमें रोड बनाने के साथ ही कैनाल के किनारे की जमीन से कब्जे हटाकर चारबाग और उसके आसपास के इलाके में काॅमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव था। इसके लिए कैनाल के किनारे बसी करीब 10 हजार से अधिक की आबादी को भी हटाया जाना था, जो संवेदनशील मसला था, क्योंकि जब भी योजना की चर्चा शुरू हुई तो बस्ती वालों की ओर से विरोध शुरू हो गया और उसको लेकर राजनीति भी शुरू हो जाती थी।
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इसे देखते हुए अब जो योजना बनाई गई है, उसमें बड़ा बदलाव किया गया है। इसमें अब काॅमर्शियल हब बनाने की बात नहीं है। ऐसे में जो लोग घर हटाए जाते, वह बच जाएंगे। निर्माण के दायरे में आने वाले सिर्फ वही लोग हटाए जाएंगे, जहां हैदर कैनाल एक्सप्रेसवे के पिलर आएंगे। इतना ही नहीं जो हटाए जाएंगे, उन्हें एलडीए विस्थापित के तौर पर आवास भी देगा। इसके लिए भी बजट का प्रावधान किया जा रहा है। ऐसे में योजना की राह में जो अड़ंगे अभी तक माने जा रहे हैं, वह दूर हो जाएंगे।
एलडीए ने इसलिए शुरू किया योजना पर काम
हैदर कैनाल पर सड़क बन जाने से एलडीए की आगरा एक्सप्रेसवे स्थित अब तक की सबसे बड़ी आवासीय योजना वरुण विहार मुख्य शहर से जुड़ेगी। इसके लिए ही हैदर कैनाल के समानांतर लगभग 11 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड विकसित की जाएगी, जिससे हजरतगंज से वरुण विहार का सफर मात्र 20 मिनट में पूरा होगा, जिसे अभी तय करने में 50 मिनट तक का समय लगता है। इस योजना से लोगों को आवागमन आसान हो जाएगा। हैदर कैनाल पर सड़क बनाने के लिए ही 1998 में राइट्स ने हैदर कैनाल का सर्वे कर फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई थी। यह रिपोर्ट सेतु निगम की ओर से शासन को सौंपी गई थी। इसके बाद 1999 में राइट्स ने दोबारा फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर शासन को सौंपी थी, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा।
45 मीटर तक चौड़ी होगी सड़क
हैदर कैनाल की चौड़ाई 45 से 70 मीटर के बीच है। इसे देखते हुए कैनाल पर बनाई जाने वाली सड़क की चौड़ाई करीब 45 मीटर रखी जाएगी, जिसमें बीच में डिवाइडर होगा और डिवाइडर के दोनों ओर की सड़क के किनारे तीन-तीन मीटर का फुटपाथ भी बनाया जाएगा।
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Iहैदर कैनाल पर एलिवेटड रोड इस तरह से बनाए जाएगी कि रोड भी बन जाए और ज्यादा लोगों को हटाना भी न पड़े। जिन लोगों को विशेष परिस्थिति में हटाया जाएगा, उन्हें आवास दिए जाएंगे। इसके लिए योजना में बजट भी रहेगा। अभी योजना को लेकर ईओआई (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) जारी किया गया है, ताकि जो कंपनियां इस काम में एक्सपर्ट हैं, उनमें से किसी एक का चयन किया जा सके।I
I- प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीएI
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