कार्यक्रम की जानकारी देते सोसाइटी के सदस्य।
लखनऊ। होम्योपौथी को बढावा देने, नए शोध और चिकित्सा की गुणवत्ता पर दो दिन मंथन होगा। देश- विदेश से जुटे होम्योपैथी विशेषज्ञ अपने यहां अपनाई जा रही दवाओं और शोध के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देंगे।
डॉ. हैनीमैन एजुकेशनल एंड डेवलेपमेंट सोसाइटी की ओर से लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में चलने वाले दो दिवसीय 10वीं राष्ट्रीय होम्योपैथिक कांफ्रेंस होमकॉन 2025 में करीब आठ सत्र में होम्योपैथी पर चर्चा होगी। ग्रीस से आ रहे डाॅ. कोस्टास न्यूरोलॉजी में होम्योपैथी के प्रभाव पर चर्चा करेंगे। इसी तरह डा. एमएस बिंद्रा कैंसर और हृदय रोग, डा. फरोख जे मास्टर क्लीनिकल होम्योपैथी पर व्याख्यान देंगे। पुणे, भोपाल, अहमदाबाद सहित विभिन्न शहरों से करीब 50 विशेषज्ञ अलग- अलग विषय पर अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. सिबली मजहर और आयोजन सचिव डॉ. आशीष कुमार वर्मा ने शुक्रवार को गोमती नगर के एक होटल में प्रेसवार्ता में बताया कि दोनों दिन चार- चार वैज्ञानिक सत्र होंगे। इसमें होम्योपैथिक शल्य क्रिया का विकल्प, एडवांस सर्जिकल केस का बिना सर्जरी इलाज, इमरजेंसी चिकित्सा में होम्योपैथी का रोल, दुर्लभ बीमारी में होम्योपैथी, होम्यो आर्थोहीलिंग, कैंसर में होम्योपैथी आदि पर हो रहे नए शोध के बारे में विशेषज्ञ जानकारी देंगे। होम्योपैथी विशेषज्ञ डा. गिरीश गुप्ता ने बताया कि होम्योपौथी पद्धति से उन मरीजों का इलाज आसानी से किया जा रहा है, जो एलोपैथी से ठीक नहीं हुए हैं। कार्यक्रम में अलग- अगल बीमारियों पर सुपर स्पेशयिलिटी सेवा देने वाले विशेषज्ञ अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की जानकारी देते सोसाइटी के सदस्य।
कार्यक्रम की जानकारी देते सोसाइटी के सदस्य।