लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रस्तावित आठ नए विभागों में कुल 87 डॉक्टर होंगे। नए विभागों के लिए पदों को भी मंजूरी मिल गई है। इससे विभागों की स्थापना में तेजी आएगी।
संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन ने बताया कि पीजीआई में आठ नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग शुरू होने जा रहे हैं। इनमें विशेष रूप से बच्चों की बीमारियों के इलाज वाले विभाग हैं। निदेशक के मुताबिक इन विभागों की स्थापना के बाद प्रदेश के साथ ही आसपास वाले राज्यों के बच्चों को भी बेहतर इलाज मिल सकेगा।
प्रदेश की आबादी में इस समय 40 फीसदी हिस्सा 18 साल तक के आयु वर्ग वालों का है। इसलिए इनके इलाज के लिए विशिष्ट विभाग शुरू किए जा रहे हैं। गवर्निंग बॉडी ने पिछले महीने पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी, पीडियाट्रिक यूरोलॉजी विभाग, पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी सलोनी हार्ट सेंटर (एसएचसीईसीएचआर) के तहत कार्डियो वैस्कुलर और थोरैसिक सर्जरी, टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य, सिर और गर्दन की सर्जरी विभाग, संक्रामक रोग और ऑर्थोपैडिक विभाग को मंजूरी दी है।
बच्चों की हर बीमारी का विशिष्ट उपचार
-पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में बच्चों के मधुमेह रोग का निदान और उपचार होगा। -सलोनी हार्ट सेंटर के तहत कार्डियो वैस्कुलर और थोरैसिक सर्जरी विभाग में बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों का इलाज और सर्जरी होगी।
-पीडियाट्रिक यूरोलॉजी और पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी विभाग में बच्चों में होने वाली गुर्दे की बीमारियों का इलाज होगा।
-संक्रामक रोग विभाग वायरल संक्रमण के व्यापक प्रबंधन और वैक्सीन के विकास में मदद करेगा।
-सिर और गर्दन की सर्जरी विभाग में सिर और गर्दन के हिस्सों की विशिष्ट सर्जरी होगी। -आर्थोपेडिक्स विभाग एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के तहत मौजूद स्थापित किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल चिकित्सा के तहत टेलीमेडिसिन विभाग खोला गया है।
पदों का विवरण
पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी : 1 प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर, 3 असिस्टेंट प्रोफेसर, 6 सीनियर रेजिडेंट, 7 नॉन पीजी रेजिडेंट- 7
पीडियाट्रिक यूरोलॉजी विभाग: 1 प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर, 4 असिस्टेंट प्रोफेसर, 6 सीनियर रेजिडेंट, 5 नॉन पीजी रेजिडेंट
पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी: 1 प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर, 3 असिस्टेंट प्रोफेसर, 6 सीनियर रेजिडेंट, 6 नॉन पीजी रेजिडेंट
सलोनी हार्ट सेंटर के तहत कार्डियो वैस्कुलर और थोरैसिक सर्जरी : 1 प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर, 3 असिस्टेंट प्रोफेसर, 6 सीनियर रेजिडेंट, 4 नॉन पीजी रेजिडेंट
टेलीमेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य : 1 प्रोफेसर, 1 एसोसिएट प्रोफेसर, 2 असिस्टेंट प्रोफेसर, 4 सीनियर रेजिडेंट, 3 नॉन पीजी रेजिडेंट
सिर और गर्दन की सर्जरी विभाग: 1 प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर, 4 असिस्टेंट प्रोफेसर, 12 सीनियर रेजिडेंट, 5 नॉन पीजी रेजिडेंट
संक्रामक रोग विभाग: 2 प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर, 6 असिस्टेंट प्रोफेसर, 12 सीनियर रेजिडेंट, 6 नॉन पीजी रेजिडेंट
आर्थोपैडिक विभाग: 5 शिक्षक और 14 सीनियर रेजिडेंट