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Lucknow News: पिछले वर्ष बिजली संकट नहीं था, इस बार क्यों?

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लखनऊ। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री और लखनऊ के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बृहस्पतिवार को नैमिषारण्य वीवीआईपी गेस्ट हाउस में बिजली व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने मुख्य अभियंताओं से पूछा कि पिछले वर्ष राजधानी में बिजली संकट नहीं था, इस बार हाहाकार क्यों मचा? इस सवाल पर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध ली।
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वित्त मंत्री राजधानी में बीते दिनों बिजली संकट के कारण हुए धरना-प्रदर्शन और बवाल की समीक्षा करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा, बिजली आमजन से सीधे जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवा है। प्रदेश सरकार की ओर से विद्युत क्षेत्र में उपलब्ध कराई जा रही सभी सुविधाओं का लाभ हर उपभोक्ता तक पहुंचना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन को निर्बाध आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। बिजली संबंधी शिकायतों को भी अभियंता तुरंत दूर करें।

इस पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कई इलाकों में जूनियर इंजीनियर उनका फोन तक नहीं उठाते हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जेई मोबाइल फोन में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के नंबर फीड करें और उनका फोन हर हाल में उठाएं। बैठक में महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक योगेश शुक्ला, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव और जिलाधिकारी विशाख जी. आदि थे।
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जेई को निलंबित करने के निर्देश

वित्त मंत्री ने गलत एस्टीमेट तैयार करने तथा खंभा लगाने में अनियमितता की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए जानकीपुरम के जेई को निलंबित करने के निर्देश दिए। नगर निगम के चार्जिंग स्टेशन को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए भी कहा।



जन प्रतिनिधियों ने दिया जवाब

वित्त मंत्री की ओर से बदहाल बिजली व्यवस्था पर किए सवालों का अफसरों ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर मौके पर मौजूद जन प्रतिनिधियों ने बताया कि उपकेंद्रों पर कामगार कम कर दिए गए हैं। यह भी कहा कि बैठक में आए अफसर न तो कर्मियों को नियुक्त कर सकते हैं और न ही इन्हें हटा सकते हैं।
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