लखनऊ। अलीगंज इलाके की गर्भवती अनीता सीएचसी में लगे सत्र में मुफ्त अल्ट्रासाउंड के लिए ई वाउचर जनरेट कराने गई थीं, मगर ई वाउचर जनरेट नहीं हो सका। उन्हें महिला अस्पताल से जांच कराने की सलाह देकर वापस कर दिया गया। ऐसी स्थिति मंगलवार को सभी सीएचसी की रही। इसके पीछे बजट की कमी का हवाला दिया गया है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगे सत्र में किसी भी सीएचसी से ई वाउचर जनरेट नहीं हो सके। सभी सीएचसी में गर्भवतियों को अगले सत्र में आने की बात कहकर वापस कर दिया गया। ऐसी नौबत इस महीने के दूसरे सत्र में आई है।
सीएमओ के अधीन संचालित 20 सीएचसी में से नौ पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम के तहत हर माह की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को गर्भवतियों का निशुल्क इलाज और अल्ट्रासाउंड किया जाता है। जिन सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है, वहां गर्भवतियों का ई वाउचर दिया जाता है, जिसे लेकर वह नजदीकी निजी केंद्र पर जाकर मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराती हैं।
एक सीएचसी से जनरेट होने वाले ई वाउचर की संख्या 25 से 30 है। इस आधार पर हर सत्र में सभी सीएचसी में 500 ई वाउचर गर्भवतियों को वितरित किए जाते हैं, जो 30 दिन तक वैध होते हैं, मगर बजट न होने से ई वाउचर जनरेट नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में गर्भवतियों को दूसरे सरकारी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है, मगर वहां पहले से ही अल्ट्रासाउंड कराने वालों की भीड़ है। ऐसे में गर्भवती निजी केंद्रों पर शुल्क देकर जांच करवाने को मजबूर हैं।
Iजिले में 74 निजी केंद्रों से स्वास्थ्य विभाग का अनुबंध है। इन केंद्रों पर गर्भवतियों का निशुल्क अल्ट्रासाउंड किया जाता है। दो सत्र से कुछ समस्या आ रही है। इसका समाधान कराया जाएगा, ताकि गर्भवती को दिक्कत न हो।I
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- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओI