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Hotel Levana Fire: छुटभैयों पर गिरी गाज, बड़ों से कौन ले हिसाब, जेई और एसडीओ को निलंबित कर खानापूर्ति की

Mon, 12 Sep 2022 10:36 AM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

होटल लेवाना सुइट्स में हुए अग्निकांड में जेई और एसडीओ को निलंबित कर खानापूर्ति कर ली गई है। पूरे मामले में किसी भी बड़े जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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होटल लेवाना सुइट्स को 250 किलोवाट का बिजली कनेक्शन देने में लेसा के जेई व एसडीओ पर गाज गिरी है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक भवानी सिंह खंगारौत ने जेई आशीष कुमार मिश्रा (वर्तमान में उपखंड अधिकारी संडीला हरदोई) व एसडीओ राजेश कुमार मिश्रा (वर्तमान में अधिशासी अभियंता लखीमपुर) को दोषी मानते हुए दोनों के निलंबन का आदेश जारी किया है। आशीष को अयोध्या जोन एवं राजेश को गोखले मार्ग स्थित निगम मुख्यालय में संबद्ध किया गया है।

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जांच समिति ने जांच में दोनों को दोषी माना है, लेकिन सवाल ये कि विद्युत आपूर्ति कोड में एलडीए एवं आवास विकास के स्वीकृत मानचित्र के बिना भी बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान किया गया है तो ये दोनों दोषी कैसे? खुद एमडी खंगारौत ने ही बहुमंजिला इमारतों में बिजली कनेक्शन देने के मामले में खुद ही विद्युत आपूर्ति कोड-2005 के प्रावधान पर अमल करने के लिए 28 जुलाई 2022 को निगम के सभी मुख्य अभियंताओं को आदेश दिया था।

विद्युत आपूर्ति कोड में यह प्रावधान
उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति कोड-2005 के अनुच्छेद 4.9 (पार्ट-एक) में मल्टी स्टोरी, मैरिज हाल, कॉलोनी को बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान किया गया है। इसमें कहा गया है कि संबंधित विकास प्राधिकरण, महापालिका, नगर पालिका,  ग्राम पंचायत या पंजीकृत आर्किटेक्ट से मानचित्र स्वीकृत होना अनिवार्य है। यह न होने की स्थिति में आवेदक से शपथ पत्र लेकर बिजली कनेक्शन देने का प्रावधान है। किसी भी विवाद की स्थिति में आवेदक जिम्मेदार होगा और कनेक्शन काटकर सिस्टम हटा लिया जाएगा।  
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लेवाना सुइट्स के ध्वस्तीकरण की सुनवाई शुरू 
होटल लेवाना सुइट्स को सील करने के बाद सुनवाई का सिलसिला शुरू हो चुका है। सुनवाई पूरी होने के बाद होटल को ध्वस्त करने पर फैसला होगा। यदि होटल ध्वस्त करने का आदेश हुआ तो 14 दिन के भीतर मालिक को इसे तोड़ना पड़ेगा। ऐसा न करने पर एलडीए टीम ध्वस्तीकरण कर शुल्क मालिक से वसूल करेगी।  

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