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यूपी में अब 1730 एक्टिव केस, करीब एक लाख 53 हजार सैंपल की हो चुकी है जांच

Thu, 14 May 2020 08:06 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद। - फोटो : amar ujala
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यूपी में कोरोना संक्रमण के अब 1730 एक्टिव केस हैं जबकि 1973 लोग इलाज के बाद वापस घर लौट चुके हैं। ये जानकारी गुरुवार को प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 1,53000 सैंपल की जांच हो चुकी है।

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उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों से वापस लौट रहे श्रमिकों को लेकर प्रशासन तैयार है। हम सैंपल की जांच में तेजी ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की 73,131 सर्विलांस टीमों के माध्यम से अब तक तीन करोड़ एक लाख 14 हजार 730 लोगों का सर्वेक्षण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि बुधवार को 370 पूल टेस्ट किये गये जिसमें 27 पूल पॉजिटिव पाये गये। प्रदेश में चिकित्सा विभाग की 73,131 सर्विलांस टीमों के माध्यम से सर्वेक्षण में
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3.01 करोड़ लोगों का सर्वे कर लक्षण के आधार पर सैम्पलिंग की गई है।

उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से कॉल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संक्रमण को रोकने में कम्युनिटी सर्विलांस की अहम भूमिका है। होम क्वारंटीन किये गये लोग घरों में ही रहें। निगरानी समिति यह सुनिश्चित करें कि होम क्वारंटीन  की अवधि का पूरी तरह से पालन हो। नर्सिंग होम के पंजीकरण की अवधि छह माह बढ़ाई जाएगी।
 

इसके पहले प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए। हर परिवार को आवश्यकतानुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। क्वारंटीन सेंटर एवं आश्रय स्थल में प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों के अच्छी तरह से रहने के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि क्वारंटीन सेंटर व आश्रयस्थलों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था हो। प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को शुद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि चुनौती को अवसर में बदलने के लिए कठिन समय में सकारात्मक सोच के साथ प्रयास करने की आवश्यकता है। एमएसएमई सेक्टर में रोजगार की असीम सम्भावनाएं हैं। रोजगार की दृष्टि से प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों को इस सेक्टर से जोड़ने के लिए उनकी स्किल मैपिंग का कार्य निरंतर जारी रखा जाए।

महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए अचार, पापड़ आदि की कम्युनिटी किचन में आपूर्ति की जाए। इससे समूहों के उत्पाद की सुनिश्चित बिक्री को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए मास्क और अंगौछे आवश्यक हैं। वर्तमान समय में इनकी मांग भी अधिक है। इसके दृष्टिगत महिला स्वयं सहायता समूहों को मास्क व अंगौछा तैयार करने के कार्यों से जोड़ते हुए समूहों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

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होम क्वारंटीन के दौरान एक हजार रुपये का भरण-पोषण भत्ता उपलब्ध कराया जाए

अपर मुख्य सचिव गृह प्रवासी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कामगारों एवं श्रमिकों की सुरक्षित एवं सम्मानजनक ढंग से वापसी कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रवासी कामगार एवं श्रमिक पैदल, दोपहिया वाहन आदि किसी भी असुरक्षित साधन से यात्रा न करें। इन्हें बस, ट्रेन जैसे सुरक्षित साधनों से पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने कहा कि गृह जनपद में क्वारंटीन सेन्टर पर प्रवासी कामगार एवं श्रमिक की थर्मल स्कैनिंग की जाए। कोरोना की दृष्टि से संदिग्ध प्रवासी कामगार एवं श्रमिक की पूल टेस्टिंग के माध्यम से मेडिकल जांच की जाए। जो बिल्कुल स्वस्थ हों, उन्हें राशन किट उपलब्ध कराते हुए होम क्वारंटीन के लिए सुरक्षित घर पहुंचाया जाए। होम क्वारंटीन के दौरान उन्हें 1,000 रुपए का भरण-पोषण भत्ता भी उपलब्ध कराया जाए।
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