लखनऊ। तेलीबाग क्षेत्र में राम नरेश यादव के घर अलमारी का लॉक सही करने आए दो युवक जेवर और तीन लाख रुपये नकद लेकर चंपत हो गए। रामनरेश की किडनी खराब है और लिवर की भी समस्या है। ये रुपये उन्होंने इलाज कराने के लिए कुछ दिन पहले ही बैंक से निकलवाए थे जो उनकी जीवनभर की कमाई थी।
रामनरेश यादव, सिंचाई विभाग तेलीबाग में मेट के पद से 2017 में रिटायर हुए थे। तेलीबाग के गांधीनगर में ही वे अपनी पत्नी सुशीला कुमारी, बेटी हर्षिता के साथ रहते थे। उनके घर में अलमारी का लॉक कई दिनों से खराब था 16 जून को दो युवक जिनकी उम्र 20 से 25 वर्ष रही होगी, गली में आवाज लगा रहे थे कि चाबी बनवा लो, ताले ठीक करवा लो। यह सुनकर रामनरेश बाहर आए और उन युवकों को अलमारी का लॉक ठीक करवाने के लिए घर के भीतर ले आए। थोड़ी देर बाद दोनों युवकों ने अलमारी का मेन गेट बंद कर दिया और बोले इसका लॉक फंसा हुआ है, ठीक नहीं हो रहा है। काह कि वे आधे घंटे में चाबी लेकर आ रहे हैं।
इसके बाद दोनों युवक चले गए और लौटकर नहीं आए तो रामनरेश ने लॉक खोलने की कोशिश की पर अलमारी का मेन लॉक नहीं खुला। 17 जून को बाजार से दूसरे व्यक्ति को लेकर आए और चाबी लगवाई। लॉक खोलने के बाद जब रामनरेश ने अंदर देखा तो अलमारी के अंदर लॉकर में रखे उनके तीन लाख रुपये नकद और करीब 50 हजार के जेवर गायब थे। यह देखकर रामनरेश भौचक्के होकर गश खाकर गिर पड़े।
रामनरेश ने बताया कि उनकी किडनी खराब है और लीवर की भी समस्या है। काफी बीमार रहते हैं। अपने इलाज के लिए कुछ दिन पहले ही उन्होंने बैंक से पैसा निकलवाकर घर की अलमारी में रखा था। रामनरेश ने बताया कि यह उनकी जिंदगीभर की जमा पूंजी थी। उन्होंने बताया कि अब बेटी की पढ़ाई और विवाह कैसे करेंगे, कुछ समझ में नहीं आ रहा।
तीन दिन बाद दर्ज किया केस
पुलिस की लापरवाही का आलम यह है कि 17 जून को रामनरेश ने पुलिस को सूचना दी थी। उसके बाद तीन दिन बीत गए लेकिन पुलिस ने केस तक नहीं दर्ज किया। 20 जून रविवार को पुलिस ने केस दर्ज किया। मालूम हो कि 12 जून को सेनानी बिहार में मंगला देवी की चेन लूटने की घटना के बाद 14 जून को सेनानी बिहार में ही श्याम बाला पांडेय की चेन छीनने की कोशिश की गई। किसी मामले में पुलिस अपराधियों को नहीं पकड़ सकी है।