जवान बने रहना कौन नहीं चाहता और जब पता चले कि पड़ोसी के घर में ही एक
ऐसी मशीन है जो हमेशा के लिए जवान बने रहने देगी।
तो जरा सोचिए कि क्या
होगा। लोटपोट कराते कथानक के माध्यम से जब शुक्रवार शाम नाटक ‘अजब मशीन की
गजब कहानी’ का मंचन राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में हुआ तो दर्शक
हंसते-हंसते लोटपोट हो गए।
करुणा सागर निर्देशित हास्य नाटक ने घंटे भर से
अधिक समय तक दर्शकों को गुदगुदाया। मंचन प्रयास रंगमंडल की ओर से हुआ।
एक
प्रोफेसर के घर से कबाड़ में उम्र कम कर देने वाली बिगड़ी मशीन लेकर आया
कल्लन कबाड़ी उसमें थोड़ा बहुत खर्चा कर उसे काम करने लायक बना देता है।
खर्चे का फाइनेंस करते रहते हैं लाला रामभरोसे। मशीन का पहला ट्रायल उसकी
बूढ़ी पत्नी हुस्ना को जवान बना देता है, लेकिन बात ज्यादा दिन तक छिपी
नहीं रहती और पड़ोसी मियां फुस्सन का बेटा अजीम भी इस राज का राजदार हो
जाता है।
आगे चलकर जवानी की यह मशीन नए कारनामे करती है। जवान हुई हुस्ना
के पीछे पड़ जाते हैं खुद मियां फुस्सन। मशीन में जाकर एक बार वे छोटे हो
गए तो मच गया हड़कंप।
हालांकि, बाद में दोनों अपनी असली उम्र में वापस भी
मशीन की बदौलत ही लौटते हैं। कल्लन के किरदार में सुधांशु सावंत और विकास
गौतम उम्दा रहे।