लखनऊ। जनवरी की शुरुआत रंगमंच के लिहाज से खास रही है। इसकी प्रारंभिक कड़ी में नीपा रंगमंडली की प्रस्तुति लाइट्स आउट का मंचन बुधवार को हुआ। एक पत्रकार और एक समीक्षक के रूप में अपनी पहचान रखने वाली मंजुला पद्मनाभन एक बेहतरीन नाटककार भी थीं।
सेक्सटेट, द आर्टिस्ट मॉडल और लाइट्स आउट उनकेप्रमुख नाटक है। लाइट्स आउट मंचन और शानदार बन गया, क्योकि उसे निर्देशित किया था मृदुला गर्ग ने। संगीत नाटक अकादमी में मंचित नाटक में उन्होंने ये बताने की कोशिश की कि स्त्री घर हो या बाहर, घरों में काम करने वाली लड़कियां हों या फिर मध्यमवर्गीय या उच्च्च वर्गीय महिला, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना उनके साथ भेद नहीं करती। नाटक का हिंदी अनुवाद शिवांगी निगम ने किया था। श्रेया अवस्थी, भार्गवी तिवारी, नितीश भारद्वाज, रितेश अस्थाना, लक्ष्मीकांत अभिजीत कुमार सिंह और गुंजन जैन ने मंच पर मुख्य भूमिका निभाई।