लखनऊ। वजीरगंज इलाके में रहने वाले युवक ने भाई-बहनों से नशा छोड़ने का वादा कर माफी मांगी और फिर कमरे में जाकर खुदकुशी कर ली। इसके अलावा महानगर में महिला, काकोरी इलाके में मजदूर और चिनहट में छात्र ने आत्महत्या कर ली।
वजीरगंज के गोलागंज के हाता फकीर मोहम्मद के रहने वाले उत्कर्ष शर्मा (38) उर्फ डब्बू कपड़े की दुकान पर काम करते थे। उनकी नौकरी कुछ समय पहले छूट गई थी। उनके भाई अनुराग ने बताया कि उत्कर्ष नशे के लती थे। शुक्रवार रात वह नशे की हालत में आए तो परिजनों ने उनको काफी समझाया।
इसके बाद वह कमरे में चले गए। सुबह सोकर उठे और बहन नैंसी, रानी व भाइयों को जगाकर कभी नशा न करने की बात कहते हुए माफी मांगी। फिर कमरे में चले गए। थोड़ी देर के बाद बहन नैंसी चाय देने पहुंची तो भाई को पंखे में मफलर के सहारे लटका देखा। वह सात भाई बहनों में सबसे बड़े और अविवाहित थे।
युवक को जिंदा बताकर बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामा
परिजन पौने दस बजे उत्कर्ष को लेकर बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे। इमरजेंसी मेडिकल अफसर डॉ. सौरभ सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुछ देर में पहुंचीं महिलाओं ने मरीज की सांस चलने की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर ने दोबारा ईसीजी करवाकर मृत घोषित कर दिया। नाराज तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने के लिए कहा तो तीमारदार डॉक्टर व स्टाफ से भिड़ गए। एक घंटे तक इमरजेंसी की सेवाएं बाधित रहीं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु के मुताबिक, परिजन ने कुछ देर हंगामा किया था।
महानगर : मृतक आश्रित में नौकरी न मिलने से परेशान महिला ने जान दी
महानगर स्थित पीएसी-35 बटालियन सर्वेंट सी-21 क्वार्टर की रहने वाली शारदा देवी (46) के पति कामराज की 2017 में मृत्यु हो गई थी, वह पीएससी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। बेटे विशाल ने बताया कि शुक्रवार देर शाम वह टहलने गया था। बहन ने कॉल कर बताया कि मां फोन नहीं उठा रही हैं। वह कमरे पर पहुंचे और लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो शारदा फंदे से लटकी मिलीं। ट्राॅमा में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। विशाल का कहना है कि पिता की मौत के बाद मां ने मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी के लिए कागजात लगाए थे, पर नौकरी नहीं मिल पाई। इस वजह से तनाव में थीं। उन्हें पेंशन मिल रही थी।
चिनहट में फंदे पर लटका मिला छात्र
मऊ के चिरैयाकोट असलपुर के रहने वाले सचिन कुमार (22) चिनहट के आदर्श नगर कमता में पिता अशोक कुमार के साथ किराये के मकान में रहते थे। अशोक लोहिया अस्पताल में वार्ड बॉय हैं। शुक्रवार को वह ड्यूटी पर गए थे। सचिन घर पर अकेला थे। शाम को लौटे तो दरवाजा बंद था। लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो कमरे में पंखे में गमछे के सहारे सचिन को लटका देखा। बेटा मऊ के विश्वविद्यालय से बीए फाइनल ईयर का छात्र था। यहां एक होटल में काम करता था। कुछ समय पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। उसका मोबाइल नहीं मिला है। वहीं, काकोरी स्थित जेहटा के रहने वाले मुन्ना गुप्ता (38) मजदूरी करते थे। उनके बेटे अंश ने बताया कि शुक्रवार को मौसी के बेटे की पीजीआई इलाके के भानखेड़ा में शादी थी। परिवार के सभी लोग शादी में गए थे। शनिवार शाम लौटते समय पिता ने रास्ते में ठेके पर शराब पी। घर पहुंचने पर पिता और मां पुष्पा में जमकर झगड़ा हुआ। आहत होकर पिता ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।