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जानकीपुरम इलाके में मामूली बात पर एलयू के छात्र को लाठियों से जमकर पीटा

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जानकीपुरम इलाके में दुकान पर बैठे बीसीए छात्र पर एक महिला ने कुछ लोगों संग धावा बोलकर लाठियों से बुरी तरह पीट दिया।
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वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद होने के बावजूद न तो पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और न ही रिपोर्ट दर्ज की। इस पर पीड़ित ने सोमवार को पुलिस कमिश्नर से गुहार लगाई है।
शशिप्रभा गुप्ता घर में ही किराने की थोक दुकान चलाती हैं। बेटा कुशाग्र अतुल उर्फ शिवा लखनऊ विश्वविद्यालय से बीसीए कर रहा है।
कुशाग्र के मुताबिक, रविवार को पास में ही किराने की फुटकर दुकान चलाने वाली एक महिला कुछ सामान ले गई। कुछ देर बाद सामान लौटाने आई तो मना कर दिया।
इस पर महिला चली गई और चंद मिनट बाद ही लाठी-डंडों से लैस पांच-छह युवकों संग आकर कुशाग्र को पीट दिया। शशिप्रभा ने पड़ोसियों की मदद से किसी तरह बेटे को बचाया।
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पुलिस के न आने पर वह घायल बेटे को लेकर थाने पहुंचीं, मगर पुलिस ने न तो रिपोर्ट दर्ज की और न ही कोई अन्य कार्रवाई की। इस पर सोमवार को पुलिस कमिश्नर ध्रुवकांत ठाकुर से मुलाकात कर गुहार लगाई। पुलिस कमिश्नर ने कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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पति का हो चुका है कत्ल
शशिप्रभा मूल रूप से हरदोई के आंझी शाहाबाद की रहने वाली हैं। जहां उनके पति अतुल कुमार किराने का कारोबार करते थे। 2004 में दुकान बंद कर घर लौटते समय दो बदमाशों ने अतुल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। कुछ समय बाद हरदोई पुलिस ने दोनों बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया था। शशिप्रभा को पुलिस सुरक्षा मिली थी। शशिप्रभा का कहना है कि वारदात से डर के चलते ही इकलौते बेटे के साथ लखीमपुर खीरी में मायके चली गईं थीं। अब बेटे की पढ़ाई के लिए लखनऊ में आकर बस गईं। अब दुकान जम गई है तो व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता में बेटे पर हमला कर दिया गया। शशिप्रभा ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
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