लखनऊ। काकोरी के मंडौली गांव और आसपास के इलाके में दहशत का पर्याय बने तेंदुए का शुक्रवार को भी कोई पता नहीं लग सका। वन विभाग की टीम के छह दिनों से कॉम्बिंग के बावजूद नाकामी से रहमानखेड़ा व आसपास के ग्रामीणों में डर के साथ अब आक्रोश भी बढ़ रहा है।
अप्रैल के शुरुआती दिनों से ही खेतों और बेहता नाला समेत अलग-अलग जगहों पर तेंदुए के कई पगमार्क पाए गए थे। इससे ग्रामीणों में डर का माहौल कायम हो गया।
तेंदुए को जंगल में ही तो नहीं मिल जा रहा शिकार
ग्रामीणों की आशंका है कि तेंदुए की चहलकदमी का पता करने के लिए वन विभाग की टीम जंगल के अंदर नहीं जा रही है। कयास लगाया जा रहा है कि तेंदुए को जंगल के अंदर ही भरपेट शिकार मिल जा रहा है, जिससे वह घने जंगल से बाहर की ओर नहीं आ रहा है। रहमानखेड़ा संस्थान और आसपास के इलाके में वन विभाग की टीम लगातार कॉम्बिंग करने का दावा तो कर रही है, लेकिन अब ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाना शुरू कर दिया है।