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Lucknow News: सरकारी अस्पताल पहुंचने की राह आसान नहीं, जाम ले रहा परीक्षा

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बलरामपुर अस्पताल के बाहर जाम में फंसी गाड़ियां।
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लखनऊ। सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों की इमरजेंसी तक पहुंचना मरीजों और एंबुलेंसों के लिए रोजाना की जद्दोजहद बन गया है। अस्पताल के गेटों पर ठेले-खोमचे, अवैध पार्किंग और बेपरवाह ट्रैफिक व्यवस्था की वजह से अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। नतीजा यह कि एंबुलेंस से लेकर मरीज तक घंटों फंसे रहते हैं, मगर जिम्मेदारों की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ता। मंगलवार को बलरामपुर अस्पताल और लोहिया संस्थान का जायजा लेने पर तस्वीर साफ हुई।
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बलरामपुर अस्पताल : आधे घंटे का जाम, एंबुलेंस फंसी रही
समय : सुबह 11:45 बजे
बलरामपुर अस्पताल से सीएमओ मार्ग पर एक चालक ने कार बीच सड़क पर खड़ी कर दी। इससे रोडवेज बस, ऑटो और टेंपो की लाइन लग गई और करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। कई एंबुलेंस भी जाम में फंसकर रेंगती रहीं। पुलिस ने मशक्कत कर किसी तरह एंबुलेंस को अस्पताल परिसर तक पहुंचाया। निजी वाहनों से आए मरीज और परिजन सीएमओ ऑफिस से अस्पताल गेट तक की दूरी तय करने में 10-15 मिनट तक जाम से जूझते रहे, जबकि रोड खाली होने पर इसमें एक मिनट का वक्त लगता है।
डफरिन मार्ग : फिर सज गईं अवैध दुकानें

डफरिन मार्ग पर नगर निगम और पुलिस ने पिछले महीने अवैध दुकानों के खिलाफ अभियान चलाया था, लेकिन तीन-चार दिन बाद ही सड़क पर दोबारा बाजार सज गया। इससे फिर जाम लगने लगा है। कोतवाली और ट्रैफिक पुलिस दिन भर जूझती रहती है, तब जाकर लोगों को आंशिक राहत मिलती है।
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लोहिया संस्थान : गेट पर कब्जा, मरीज फंसे
समय : दोपहर 12:20 बजे
लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक गेट पर अवैध दुकानदारों का कब्जा है। ई रिक्शा और अवैध एंबुलेंस सड़क पर खड़ी रहती हैं। मंगलवार को एक मरीज को लेकर परिजन कार से गेट तक पहुंचे, मगर कार जाम में पांच-छह मिनट तक फंसी रही। तब जाकर पार्किंग की ओर बढ़ पाई। हालत यह है कि एंबुलेंस तक को अंदर आने में मुश्किल होती है। इसके बावजूद संस्थान के जिम्मेदार हालात पर आंख मूंदे बैठे हैं।
शाम होते ही सज जाती एंबुलेंसों की कतार
लोहिया संस्थान गेट पर शाम ढलते ही निजी एंबुलेंसें कतार बनाकर खड़ी हो जाती हैं। दिन में भी ये अस्पताल से थोड़ी दूरी पर सड़कों पर डेरा डाले रहती हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर इन्हें हटाने का दावा किया था।

बलरामपुर अस्पताल के बाहर जाम में फंसी गाड़ियां।

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