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Lucknow News: राष्ट्रीय पटल पर गूंजी राजधानी के युवाओं की आवाज

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लखनऊ। उनमें नया जोश है...। देश और समाज के लिए काम करने का जज्बा भी है। वे देश के ऐसे चुनिंदा युवाओं में शामिल हैं, जिन्होंने अपने काम के दम पर अलग पहचान बनाई है। लखनऊ के ऐसे ही कुछ युवाओं को पिछले दिनों युवा दिवस पर दिल्ली के भारत मंडपम में 10, 11 और 12 जनवरी को आयोजित 28वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
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लखनऊ के इन युवाओं में दुर्गेश त्रिपाठी और अच्युत त्रिपाठी को यूथ आइकॉन के तौर पर आमंत्रित किया गया था तो वहीं आर्या शर्मा को कहानी लेखन प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। दिल्ली से लौटकर इन युवाओं ने अमर उजाला से विस्तार से बात की। आइए आपको बताते हैं उन युवाओं के बारे में जो इस आयोजन का हिस्सा बने।
विकसित भारत के लिए युवाओं को सबसे अहम मानते हैं दुर्गेश



लखनऊ विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 में मेधावी छात्र परिषद के अध्यक्ष चुने गए दुर्गेश त्रिपाठी को युवा दिवस पर भारत यंग लीडर्स डायलॉग में बतौर यूथ आइकॉन शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। लविवि से 2018-19 में चांसलर गोल्ड मेडल पाने वाले दुर्गेश लखनऊ और आसपास के जिलों में अपनी टीम के साथ सामाजिक कार्य करते हैं। दुर्गेश ने बताया कि भारत मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय आयोजन में दूसरे दिन 11 जनवरी को उन्हें अपनी बात कहने का मौका मिला। उन्होंने वहां विकसित भारत में युवाओं की अहम भूमिका रेखांकित की। दुर्गेश एनसीसी कैडेट होने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज भी रहे हैं।
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युवाओं को खेल के प्रति जागरूक कर रहे अच्युत

वर्ष 2019 में स्वप्न फाउंडेशन की स्थापना करने वाले अच्युत त्रिपाठी राज्यस्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी रह चुके हैं। कई चोटों के बाद उन्होंने खेल की मुख्य धारा से अलग होकर समाजसेवा की राह पकड़ी। वे युवाओं को खेल के प्रति जागरूक करते हैं। उनके पास आज 1500 वॉलंटियर्स की टीम है, जो लखनऊ के अलावा वाराणसी, मेरठ, आगरा और दिल्ली समेत करीब 12 शहरों में काम कर रही है। शिया पीजी कॉलेज से पत्रकारिता में परास्नातक कर रहे अच्युत को भी भारत यंग लीडर्स डायलॉग में बतौर यूथ आइकॉन आमंत्रित किया गया। अच्युत ने बताया कि उन्होंने वहां पर 11 जनवरी को आयोजित सत्र में खेलों को प्रोत्साहित करने पर अपनी बात रखी, जिससे पूरे देश को स्वस्थ रखा जा सके।



इच्छाशक्ति अटल तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं : आर्या

राष्ट्रीय युवा महोत्सव में बतौर प्रतिभागी निबंध लेखन में पूरे देश में पहला स्थान पाने वाली आर्या शर्मा का मानना है कि अगर इच्छाशक्ति अटल हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। आर्या ने इसे करके भी दिखाया। प्रतियोगिता में उनका विषय था विकसित भारत 2047। विषय मिलते ही आर्या ने अपने सोच को कागज पर उतारा और प्रथम स्थान पाया। नेशनल पीजी कॉलेज से मनोविज्ञान में परास्नातक कर रहीं आर्या मूलत: बाराबंकी की निवासी हैं और लखनऊ में पढ़ाई कर रही हैं। आर्या ने बताया कि स्कूल स्तर से ही वह निबंध प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती रही हैं। पिछले साल उन्हें अपने कॉलेज में जिला कल्याण विभाग के युवा उत्सव में भी प्रथम स्थान मिला था। मंडल और राज्य स्तर पर भी प्रथम स्थान आया। आर्या के पिता नरेंद्र शर्मा बाराबंकी के स्कॉलर पब्लिक इंटर कॉलेज में अंग्रेजी के अध्यापक हैं और मां और बड़े भाई भी शिक्षक हैं।
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