अमीनाबाद के एक शोरूम पर हरे रंग की रजवाड़ा पैटर्न साड़ी देखते खरीदार संवाद
लखनऊ। सावन का महीना आते ही हरे रंग ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है। इस बार बाजार में परंपरा और आधुनिक फैशन का ऐसा मेल देखने को मिल रहा है, जिसमें रजवाड़ा पैटर्न की साड़ियां और सूरत के लहरिया लहंगे सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं। वहीं शगुन में देने के लिए शिफॉन की साड़ियों की मांग भी तेज हो गई है।
अमीनाबाद के कपड़ा व्यापारी किशन जलान बताते हैं कि इस बार हरे रंग की रजवाड़ा पैटर्न की साड़ियां सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं। वहीं शगुन के लिए शिफॉन की साड़ियों की मांग भी अच्छी है। बृहस्पतिवार को खरीदारी करने पहुंची एक महिला ने बताया कि सावन के शगुन में हरे रंग की साड़ी देना शुभ माना जाता है, इसलिए उनकी पहली पसंद भी यही है। व्यापारी यश के अनुसार सूरत के हरे रंग के लहरिया लहंगे इस सीजन का नया आकर्षण बनकर उभरे हैं। बच्चों के लिए भी सावन थीम पर आधारित परिधानों की अच्छी-खासी वैरायटी है।
हर वर्ग और हर बजट के ग्राहकों के लिए विकल्प मौजूद हैं। रजवाड़ा साड़ियां 2500 से 30 हजार रुपये, क्रेप सिल्क 1900 से 50 हजार रुपये, शिफॉन 1700 से 3000 रुपये और इटालियन क्रेप 1200 रुपये से शुरू है। प्योर क्रेप छह हजार और मैसूर क्रेप 6400 रुपये से उपलब्ध है। फैब्रिक सूट 1100 से पांच हजार रुपये और कुर्तियां 500 रुपये से शुरू हैं। वहीं लहरिया लहंगों की कीमत 2000 से 35 हजार रुपये तक है।