लखनऊ। पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामले में अमौसी जोन के तत्कालीन मुख्य अभियंता महफूज आलम को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (आगरा) मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। उनके खिलाफ उच्चस्तरीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई अमर उजाला की जनवरी से मार्च के बीच चलाई गई उस विशेष मुहिम का परिणाम है, जिसमें बिजली कनेक्शन देने में हो रही अराजकता और फर्जी जांच रिपोर्ट तैयार करने वाले इंजीनियरों व कर्मचारियों को बेनकाब किया गया था। आरोप है कि मुख्य अभियंता महफूज आलम ने दोषी इंजीनियरों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके चलते उन पर गाज गिरी है।
एयरफोर्स स्टेशन की गुल बिजली नहीं कराई थी चालू
निलंबन आदेश में सबसे गंभीर आरोप मेमोरा एयरफोर्स स्टेशन की बिजली आपूर्ति को लेकर है। देश की महत्वपूर्ण सुरक्षा एजेंसी होने के बावजूद वहां की बिजली गुल होने पर मुख्य अभियंता ने उसे समय पर बहाल कराने में घोर लापरवाही बरती, जिससे विभाग की साख को गहरा धक्का लगा।
इन आरोपों पर देना होगा जवाब
-आवेदकों को बिजली कनेक्शन देने में लापरवाही
- झटपट पोर्टल पर बिना ठोस कारण बताएं आवेदन निरस्त करना
- अधीनस्थ कार्मिकों पर प्रभावी नियंत्रण न करने की लापरवाही
अब तक आठ निलंबित और 52 का तबादला
अमर उजाला की मुहिम के बाद अब तक विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य अभियंता समेत अब तक 8 इंजीनियरों को निलंबित किया जा चुका है, जिसमें एक अधिशासी अभियंता, तीन उपखंड अधिकारी और तीन जूनियर इंजीनियर हैं। इसके अलावा, अमौसी जोन कार्यालय के 52 कर्मचारियों (स्टेनो, ऑफिस असिस्टेंट और तकनीकी स्टाफ) का गैर जनपद तबादला किया गया है।