लखनऊ। डॉक्टर को दिखाकर घर लौटे दर्जी ने फंदा लगा लिया। सुसाइड नोट में उन्होंने मौत का जिम्मेदार खुद को ठहराया है। लिखा कि उनके शव को जलाया न जाए दफना दिया जाए। परिजनों का कहना है कि बीमारी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
आशियाना के सेक्टर-जी निवासी दर्जी सुंदरलाल (35) परिवार संग रहते थे। उनके भाई रामआसरे ने बताया सुंदरलाल बृहस्पतिवार सुबह डॉक्टर को दिखाने गए थे। पता चला कि किडनी में स्टोन है और ऑपरेशन करना पड़ेगा। खर्च की बात सुनकर वह परेशान हो गए और घर आ गए। पत्नी संध्या सरोजनीनगर में प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। घर पर मां कमला व बेटा अंश था। बेटा किसी काम से जब छत पर बने कमरे में पहुंचा तो पिता को पंखे में गमछे के सहारे लटका देखा।