लखनऊ। समाज में बेराेजगारी, भय, बलात्कार और आर्थिक मंदी किस कदर एक सामान्य व्यक्ति को तोड़ देती है, इसकी झलक दिखाई दी नाटक पॉपकॉर्न में। मेवरिक्स थियेटर की ओर से संगीत नाटक अकादमी के वाल्मीकि सभागार में बुधवार को मंचित नाटक में विनय गौड़ ने एकल अभिनय किया।
नायक बचपन से ही सैनिक बनने का सपना देखता था, लेकिन परिस्थितियों ने उसे ट्रेन में पॉपकॉर्न बेचने के लिए मजबूर कर दिया। कहानी में दर्शक एक ऐसे इंसान से रूबरू होते हैं, जिसकी इच्छाएं, संघर्ष और हौसला उसकी परिस्थितियों से लगातार जूझते रहते हैं। नाटक ने कभी दर्शकों को जोश से भर दिया तो कभी आंखें भी नम कर दीं। नाटक में संगीत संचालन अमन आर्य का, परिकल्पना एवं निर्देशन विकास दुबे का रहा।