ओवरसीज बैंक का अलार्म डे मोड पर रखने के सवाल पर स्टाफ को छूटा पसीना
लखनऊ। लॉकर काटने वाली रात को अलार्म डे मोड पर रखने के सवाल पर इंडियन ओवरसीज बैंक का स्टाफ हकलाने लगा। विवेचक ने इसी सवाल को दोहराया तो सभी के पसीने छूट गए। पुलिस को संदेह है कि बैंक के किसी कर्मचारी ने बदमाशों को लॉकरों की सटीक जानकारी दी थी। किसी बैंककर्मी की मुखबिरी पर ही बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया। फिलहाल पुलिस को इस सवाल का जवाब नहीं मिल पाया है।
इससे पहले विवेचक इंस्पेक्टर गोमतीनगर राजेश त्रिपाठी की ओर से जारी नोटिस के बाद शाखा प्रबंधक संदीप सिंह और छह कर्मचारी सोमवार को थाने पहुंचे थे। विवेचक ने अलग-अलग सबसे पूछा कि उन्हें घटना की जानकारी कब और कैसे मिली? कई सवालों पर बैंककर्मी घबरा गए और ठीक से जवाब नहीं दे पाए। विवेचक का कहना है कि सात लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। सभी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का मिलान आरोपियों से कराया जाएगा।
पुलिस अन्य बैंककर्मियों से पूछताछ करेगी। यह पता लगाया जा रहा है कि ग्राहकों के अलावा कौन-कौन कर्मचारी लॉकर तक जा सकते थे। उल्लेखनीय है कि 21 दिसंबर की रात में सात बदमाश सेंधमारी कर चिनहट में इंडियन ओवरसीज बैंक से करोड़ों की ज्वैलरी, कैश और कीमती सामान चोरी कर ले गए थे।