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पक्षकार बोले-अयोध्या पर श्रीश्री की पहल ठीक, लेकिन फॉर्मूला बताएं

Mon, 30 Oct 2017 06:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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फाइल फोटो
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रामजन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकारों ने अध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के बयान पर आपसी सुलह-समझौते से विवाद का हल निकालने का स्वागत किया है।
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दोनों पक्षकारों ने कहा, सिर्फ टीवी पर बयान देने भर से काम नहीं चलेगा। सभी चाहते हैं अयोध्या का मामला शीघ्र हल हो। लेकिन रविशंकर के पास आपसी सहमति से समाधान के लिए क्या फार्मूला है, वह उसे सबके सामने रखें। 

पहले फार्मूला तो बताएं श्रीश्री : महंत धर्मदास
रामजन्मभूमि मुकदमे के मुख्य पक्षकार निर्वाणी अनी के श्रीमहंत धर्मदास ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर का प्रयास सराहनीय है। लिहाजा वे इस पहल का मूल स्वरूप लेकर अयोध्या आएं और पक्षकारों से मुलाकात करें। हम वार्ता को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सभी चाहते हैं यह मामला जल्द हल हो, लेकिन इसके लिए सकारात्मक प्रयास तो हो। पहले यह स्पष्ट हो कि वे सरकार की तरफ से वार्ता करना चाहते हैं।
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सुनवाई से पहले रास्ता निकले तो बेहतर : रामदास 

निर्मोही अखाड़ा के पक्षकार स्व. महंत भाष्कर दास के प्रतिनिधि नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने भी श्रीश्री रविशंकर की मध्यस्थता के बयान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि रविशंकर के प्रयासों से कोई रास्ता निकलता है तो इसका एक अच्छा संदेश जाएगा। हम उनसे वार्ता के लिए तैयार हैं। इस मामले में पांच दिसंबर से सुनवाई भी शुरू हो रही है। लिहाजा इससे पहले कोई रास्ता निकल जाए तो यह और भी अच्छा होगा। 

किस अधिकार से वार्ता करेंगे रविशंकर : हाजी महबूब 

बाबरी मस्जिद मामले के पैरोकार हाजी महबूब ने कहा कि रविशंकर जी अगर इस मामले को सुलझाने की पहल करना चाहते हैं तो वह स्वागतयोग्य है। मगर सवाल यह है कि वह पार्टी तो हैं नहीं। फिर वे किस अधिकार से वार्ता करेंगे। रविशंकर जी अयोध्या आएं, स्वागत है। हम बात करने को तैयार भी हैं, लेकिन वार्ता के लिए अधिकृत व्यक्ति होना चाहिए। हम चाहते हैं कि अमन चैन से इस मसले का हल हो जाए। 
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वार्ता के लिए पहले अयोध्या आएं : इकबाल 

बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे हाशिम अंसारी के बेटे और मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी का कहना है कि अगर रविशंकर बात करना चाहते हैं तो स्वागतयोग्य है। मगर सिर्फ टीवी पर बात करने से कुछ नहीं होगा। इसके लिए रविशंकर जी अयोध्या आएं, संतों से मिलें और हिंदू व मुस्लिम पक्षकारों से वार्ता करें। तभी कोई रास्ता निकल पाएगा। हम चाहते हैं यह झगड़ा अब खत्म हो।
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