लखनऊ। हुसैनाबाद स्थित राष्ट्रीय नेहरू युवा केंद्र में शनिवार को आसमानी झंडा दिवस के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम हुआ। धर्मगुरु वीरेश भीम ने कहा कि आसमानी झंडा दलित समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक है। इसके नीचे सभी जातियों की एकता समाहित है।
उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सूर्यप्रकाश पाल ने कहा कि भगवान वाल्मीकि नहीं होते तो आज हिंदू समाज की पहचान नहीं होती। इसलिए हमें उनको नमन कर आगे बढ़ना चाहिए। आसमानी झंडा वाल्मीकि समाज की पहचान का प्रतीक हो चुका है।
भावाधस भीम की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शर्मिष्ठा ने कहा कि सरकार चाहती है कि दलित महिलाएं भी अन्य समाज की महिलाओं की तरह कदमताल करें। परिवर्तन चौक स्थित वाल्मीकि आश्रम पर पूर्व आईएएस अजय दीप सिंह और वीरेश भीम अनार्य ने आसमानी ध्वजारोहण किया। कार्यक्रम में दिनेश चंद्रा, चंद्र कुमार, शत्रुघ्न लाल, अनिल, राकेश कोतवाल आदि शामिल हुए। (संवाद)