महायज्ञ के साथ संपन्न हुआ समशरण विधान
लखनऊ। डालीगंज स्थित जैन मंदिर में शुक्रवार को समवशरण विधान का समापन हुआ। आचार्य सुबल सागर के सानिध्य में पांच दिवसीय समवशरण महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ हुआ। इस अवसर पर भगवान शांतिनाथ का जन्म एवं मोक्ष कल्याणक मनाते हुए पंचामृत अभिषेक किया गया और निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने भव्य समवशरण रचना पर श्रीफल अर्पित किए। महायज्ञ में अविरल-आयुषी जैन को सौधर्म इंद्र और मनीष जैन परिवार को चक्रवर्ती बनने का सौभाग्य मिला। आदीश जैन ने अखंड दीपक प्रज्ज्वलित किया। आचार्य सुबल ने अपने मंगल प्रवचन में भावों के महत्व के बारे में बताया। कहा कि जैसे हमारे भाव होंगे, वैसे ही परिणाम मिलेंगे। इस अवसर पर महामंत्री सुबोध जैन जोहरी, संजीव जैन, मनोज जैन, अनंतमति बाईजी, मंदिर समिति के अध्यक्ष विकास, महामंत्री रितेश, कोषाध्यक्ष वीर कुमार, रोहित जैन, पार्श्व जैन, मनीष जैन आदि लोग मौजूद रहे।
महायज्ञ के साथ संपन्न हुआ समशरण विधान