लखनऊ। शुहदा-ए-इस्लाम और शुहदा-ए-कर्बला के जलसों में बृहस्पतिवार को भी इस्लाम के शहीदों की शहादत को याद किया गया। सातवें दिन जलसों में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके चचा हजरत हमजा की शहादत को याद किया गया। कई जगहों पर कुरान और हदीस की फजीलत पर रोशनी डाली गई।
मीनाई एजुकेशनल एवं वेलफेयर सोसाइटी की ओर से शाहमीना शाह दरगाह पर आयोजित जलसा जिक्र-ए-शुहदा-ए-कर्बला में मौलाना इश्तियाक अहमद कादरी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी सच और हक की आवाज को हमेशा बुलंद करती रहेगी। जलसे की अध्यक्षता शाहमीना शाह दरगाह के सज्जादानशीन पीरजादा शेख राशिद अली मीनाई ने की। अकबरी गेट स्थित एक मीनारा मस्जिद में आयोजित जलसे में कारी मोहम्मद सिददीक ने पैगंबर मोहम्मद सल. के चचा हजरत हमजा की दर्दनाक शहादत पर रोशनी डाली। मजलिसे ताहफ्फुजे नामूसे सहाबा की ओर से रकाबगंज स्थित दारूल मुबल्लिगीन के मौलाना अब्दुल शकूर हाल में आयोजित जलसे को दारुल उलूम देवबंद के सहायक प्रधानाचार्य मौलाना मुफ्ती राशिद ने खिताब किया। अध्यक्षता मौलाना अब्दुल बारी फारूकी ने की। ऐशबाग ईदगाह स्थित जामा मस्जिद में आयोजित जलसे में मौलाना सुफयान निजामी ने कुरान की अहमत पर रोशनी डाली।