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श्रीरामजन्मभूमि परिसर में पहुंचने लगीं तराशी गईं शिलाएं, शिफ्टिंग से पहले विधिविधान से किया गया पूजन

Fri, 09 Oct 2020 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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शिलाओं की शिफ्टिंग का कार्य शुरू - फोटो : अमर उजाला
भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए विश्व हिंदू परिषद की कार्यशाला में तराशकर रखी गईं शिलाएं श्रीरामजन्मभूमि परिसर में पहुंचाने की कवायद शुक्रवार को भक्तिभाव से पूजन-अर्चन के साथ शुरू हुई। एलएंडटी के इंजीनियरों की टीम ने विशालकाय शिलाओं को क्रेन से सकुशल ट्रक पर लादने और परिसर तक ले जाकर उतारने में सफलता हासिल की। कलाकृतियों को कोई नुकसान न हो, यह सबसे बड़ी चुनौती थी, लेकिन पहले दिन ट्रायल में कंपनी की कुशलता के लोग कायल रहे।

 
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- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का काम अब गति पकड़ रहा है। टेस्ट पाइलिंग का काम पूरा होने के बाद अब संपूर्ण नींव की खोदाई के लिए आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञों की रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच श्रीरामजन्मभूमि ट्रस्ट ने शुक्रवार को अचानक विहिप की कार्यशाला में मंदिर निर्माण के लिए भक्तों के सहयोग से तैयार हुई शिलाओं को रामजन्मभूमि परिसर ले जाने की शुरूआत की। पहले दिन पूर्वाभ्यास के रूप में दो पत्थरों को क्रेन के जरिए ट्रक पर लादकर रामजन्मभूमि परिसर पहुंचाया गया। इससे पूर्व वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चारों के मध्य शिलाओं का पूजन-अर्चन किया गया।
 
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- फोटो : अमर उजाला
लोगों को भय था कि शिलाओं को ले जाने में कहीं तराशी गईं कलाकृतियां, मूर्तियां, पत्ती-फूल आदि में टूट-फूट न आ जाए, मगर कंपनी ने इस चुनौती को सकुशल पूरा किया। शिलाओं को लकड़ी- बुरादे और टायर की मदद से पट्टे के जरिए क्रेन से ट्रक में लादा गया। पत्थरों को परिक्रमा मार्ग से राम जन्मभूमि परिसर में पहुंचाया जाएगा। रामजन्मभूमि परिसर में पत्थरों को रखने के लिए 500/200 फुट का प्लेटफार्म बनाया गया। एक एकड़ जमीन पर परिसर में कार्यशाला खोली जाएगी। राम मंदिर निर्माण के लिए करीब चार लाख घनफुट पत्थरों की आवश्यकता है। अभी जो पत्थर तराश कर रखे गए हैं वही राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण स्थल तक पहुंचाए जाएंगे। बुनियाद में जिन पत्थरों का प्रयोग होना है वह पत्थर राजस्थान से सीधे कार्यस्थल तक पहुंचाए जाएंगे।

 

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- फोटो : अमर उजाला
पत्थरों को ढोने में लगेंगी 3 क्रेन, 10 ट्रक व 50 मजदूर
कार्यशाला प्रभारी मनोज भाई सोमपुरा के मुताबिक आज से पत्थरों को राम जन्मभूमि परिसर ले जाने का कार्य शुरू हो गया है। पहले दिन आज दो पत्थरों को पूर्व में चयनित मार्गों से ले जाया जा रहा है। जिससे मार्ग में आने वाली कठिनाइयों को भी समाप्त किया जा सके। जिसके बाद पत्थरों को ले जाने का कार्य तेज गति से कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन पत्थरों को ले जाने के लिए तीन क्रेन और 10 ट्रक के साथ 50 मजदूर भी लगाए जाएंगे। यह कार्य 24 घंटे चलेगा।

 
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- फोटो : अमर उजाला
15 अक्तूबर से शुरू हो जाएगा 1200 पिलरों का निर्माण कार्य
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि राममंदिर निर्माण का कार्य अब दूसरे पड़ाव पर पहुंचता नजर आ रहा है। राममंदिर के लिए टेस्ट पाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। जल्द ही आईआईटी चेन्नई के विशेषज्ञ टेस्ट की रिपोर्ट दे देंगे और 15 अक्तूबर के बाद 12 सौ पिलरों के पाइलिंग का कार्य शुरू हो जाएगा। पाइलिंग का कार्य पूरा होते ही सतह का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मई 2021 तक 1200 पिलर तैयार हो जाएंगे। अभी राममंदिर निर्माण के लिए पहली मंजिल का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष 30 प्रतिशत कार्य पूरा करने के लिए रामजन्मभूमि परिसर में ही कार्यशाला स्थापित की जाएगी। जिससे कम समय में जल्दी तराशे गए रेड पिंक स्टोन पत्थर राममंदिर के लिए मिल सकें।

 
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- फोटो : अमर उजाला
कोडिंग के अनुसार शिफ्ट किए जाएंगे पत्थर
डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि कार्यशाला से जो पत्थर रामजन्मभूमि परिसर में पहुंचाए जा रहे हैं। वहां उनकी कोडिंग की जाएगी। कोडिंग इसलिए की जा रही है कि जब राममंदिर का निर्माण कार्य शुरू होगा तो इसी कोडिंग के अनुसार ही पत्थरों को मंदिर में सेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 40 माह में राममंदिर का निर्माण कार्य पूरा करने पर है, शेष प्रभु राम की मर्जी।


 
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- फोटो : अमर उजाला
पत्थरों को आज से राम जन्मभूमि परिसर पहुंचाने का काम शुरू करने के निर्देश मिले हैं। इसी कड़ी में हमारी पूरी टीम पहुंच गई है। नक्काशी किए गए पत्थर सुरक्षित रूप से मंदिर निर्माण कार्य स्थल तक पहुंच जाएं, इसके लिए विशेष तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा। पत्थरों को कार्यस्थल तक पहुंचाने के लिए परिक्रमा मार्ग के सुनसान रास्ते का प्रयोग किया जाएगा। यह एक लंबी प्रक्रिया है, जिसमें अभी और विशालकाय मशीनों और ट्रकों की जरूरत पड़ेगी। - मनोज सोमपुरा, प्रभारी, रामजन्मभूमि न्यास कार्यशाला

 
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