लखनऊ। नगर निगम की तीन दिसंबर को आयोजित सदन की बैठक में निगम की किराये पर दी गई संपत्तियों पर काबिज अवैध कब्जेदारों पर भी चर्चा होगी। इस मामले में गठित समिति अपनी रिपोर्ट पहले ही तैयार कर चुकी है, जिसे सदन की बैठक रखा जाएगा।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में अवैध कब्जेदारों को वैध करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही समय से किराया जमा न करने वालों से ब्याज वसूलने का भी सुझाव दिया है। इस संबंध में अमर उजाला ने तीन सितंबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। बता दें कि नगर निगम की शहर में करीब 2,000 आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां हैं। इनमें करीब 70 प्रतिशत पर अवैध कब्जे और सिकमी किरायेदार हैं, जिसको लेकर विवाद है। नगर निगम ये संपत्तियां खाली भी नहीं करा पा रहा है, जिसका असर आमदनी पर पड़ रहा है।