लखनऊ। किशोरी को बहला-फुसला कर ले जाने और दुष्कर्म के आरोपी सुशील ने खुद को मृत दिखाते हुए कोर्ट में मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर धोखाधड़ी का प्रयास किया। फर्जीवाड़ा सामने आने पर शनिवार को विभूतिखंड थाने में सुशील व उसके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
विभूतिखंड थाने में तैनात अतिरिक्त निरीक्षक अरुण कुमार के मुताबिक वर्ष 2015 में चिनहट के जयपाल खेड़ा निवासी सुशील के खिलाफ विभूतिखंड थाने में किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी सुशील के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। कोर्ट में ट्रायल चल रहा था। आरोप है कि सुनवाई के दौरान खुद को बचाने के लिए आरोपी सुशील ने खुद को मृत दिखाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र लगा दिया। बाद में छानबीन में पता चला कि आरोपी का लगाया गया प्रमाणपत्र फर्जी है।
पेशकार की तहरीर पर दर्ज हुआ केस
सुशील का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद शनिवार को इस मामले में एडीजे/विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट के पेशकार वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी सुशील व उसके अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ धोेखाधड़ी व जालसाजी का केस दर्ज किया गया है। केस के विवेचक अरुण कुमार ने बताया कि आरोपी मूल रूप से बस्ती के हर्रैया रतनपुर बाबू का रहने वाला है। इस मामले में यह पता नहीं चल सका है कि आरोपी सुशील ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र कब और कहां से बनवाया था। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में आरोपी का किन लोगों ने साथ दिया था। पुलिस का कहना है कि इन सब पहलुओं पर जांच की जा रही है।