लखनऊ। मलिहाबाद के संन्यासी बाग में पेट्रोल में एथेनाॅल मिलाने वाला गिरोह छह साल से सक्रिय था। आरोपी डीजल में भी केमिकल मिलाते थे। पुलिस की पूछताछ में टैंकर चालक ने हरदोई के नौनार स्थित भानापुर निवासी रामतीर्थ यह खुलासा किया है।
आरोपियों से पूछताछ के आधार पर क्राइम ब्रांच की एक टीम अमौसी डिपो पर छानबीन कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि और कितने टैंकर चालक हैं, जो इसमें संलिप्त थे। पुलिस ने आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी निकलवाए हैं। इससे गिरोह के सभी सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों के पास मिले मास्टर चाबी के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि रविवार को पुलिस, आपूर्ति और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारकर गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने टैंकर चालक के अलावा मलिहाबाद के गनार निवासी अनिल कुमार, काकोरी के मोहल्ला बरगद तला निवासी अभिषेक राजपूत, उन्नाव के हसनगंज स्थित पिलखना निवासी धीरज सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, 23 प्लास्टिक केन में 1,150 लीटर मिलावटी पेट्रोल, 64 केन में 3,200 लीटर साॅल्वेंट, मास्टर चाबी समेत अन्य सामग्री मिली थी। निरीक्षण के दौरान टैंकर के पाइप और दूसरे चैंबर से भी 250 लीटर पेट्रोल मिला था।
एडीसीपी क्राइम किरन यादव के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल में मिलावट करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन एथेनाॅल शील्ड शुरू किया गया है। अभियान के तहत ऐसे गिरोह के बारे में पता लगाकर कार्रवाई की जा रही है।
तेल में मिलावट के आरोप में पकड़े गए लोग।