लखनऊ। हजरत अली (अ.स.) की शहादत की याद में 19 रमजान पर सोमवार को शहर में मजलिसों और ताबूत के जुलूसों का आयोजन किया गया। रौजा-ए-काजमैन स्थित मस्जिदे कूफा से तड़के गिलीम (कंबल) में ताबूत का जुलूस निकाला गया, जो पाटानाला स्थित इमामबाड़ा हकीम सैयद मोहम्मद तकी तक पहुंचा।
इससे पहले फज्र की नमाज की अजान कारी ताहिर जाफरी ने दी, जबकि नमाज मौलाना जहीर अहमद ने अदा कराई। नमाज के बाद मजलिस को मौलाना अली मुत्तकी ने खिताब किया। इसके बाद अजादारों ने ताबूत को उठाकर इमामबाड़ा हकीम सैयद मोहम्मद तकी तक पहुंचाया। इमामबाड़े के पास ताबूत महिलाओं को सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद अलविदाई मजलिस हुई, जिसे मौलाना मीसम जैदी ने खिताब किया। ताबूत दो दिनों तक जियारत के लिए रखा जाएगा, जहां दिन में महिलाएं और रात में पुरुष जियारत कर सकेंगे।
इसी सिलसिले में हसनपुरिया टीला स्थित अजाखाना मरहूम कमर हुसैन उर्फ बब्बा साहब में नमाज-ए-मगरिबैन के बाद मजलिस-ए-अजा का आयोजन हुआ, जिसमें हजरत अली इब्न अबुतालिब (अ.स.) की शहादत पर खिताब किया गया।
वहीं अज़ाखाना मरहूम जफर रज साहब में रात आठ बजे मजलिस-ए-अज़ा आयोजित हुई, जिसे मौलाना सैफ अब्बास ने खिताब किया। मजलिस के बाद शबीह-ए-ताबूत अमीरुल मोमिनीन हजरत अली (अ.स.) को अजाखाना से उठाकर इमामबाड़ा-ए-अबुतालिब (अ.स.) तक ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अजादार मौजूद रहे।
21वीं रमजान का जुलूस कल तड़के
हजरत इमाम अली (अ.स.) की शहादत की याद में बुधवार तड़के तीन बजे रुस्तम नगर स्थित रौजाए शबीह नजफ से 21वीं रमजान का जुलूस निकलेगा। जुलूस से पहले अलविदायी मजलिस को मौलाना यासूब अब्बास खिताब करेंगे। महिलाएं ताबूत को रौजे से उठाकर पुरुषों को सौंपेंगी।
मस्जिदे कूफा से निकला गिलीम के ताबूत का जुलूस
मस्जिदे कूफा से निकला गिलीम के ताबूत का जुलूस
मस्जिदे कूफा से निकला गिलीम के ताबूत का जुलूस
मस्जिदे कूफा से निकला गिलीम के ताबूत का जुलूस
मस्जिदे कूफा से निकला गिलीम के ताबूत का जुलूस
मस्जिदे कूफा से निकला गिलीम के ताबूत का जुलूस
मस्जिदे कूफा से निकला गिलीम के ताबूत का जुलूस