निजी चालक की हत्या नहीं बल्कि ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी मौत
लखनऊ। इंदिरा नगर के चांदन गांव निवासी निजी चालक शहनवाज (22) की हत्या नहीं, बल्कि ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई थी। इस बात की पुष्टि गोसाईगंज पुलिस की जांच में हुई है। पुलिस ने ट्रेन चालक, स्टेशन मास्टर व गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना पूरी कर इंस्पेक्टर ब्रजेश त्रिपाठी ने अंतिम रिपोर्ट अफसरों को भेजी है।
इंस्पेक्टर के मुताबिक सात मार्च को शहनवाज मोहल्ले के ही दो दोस्तों प्रभात वर्मा व प्रदीप वर्मा के साथ कार से गोसाईगंज के भदुआ में शादी समारोह में गए थे। रात करीब 12:30 बजे शहनवाज का शव गांव के बाहर रेलवे ट्रैक के किनारे मिला था। उसके पिता नवाब ने बेटे के दोस्त प्रभात, प्रदीप और दस अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, षड्यंत्र व साक्ष्य मिटाने की धारा में गोसाईगंज थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस जांच में सामने आया कि समारोह के दौरान शहनवाज शराब के नशे में आर्केस्ट्रा के बीच मंच पर चढ़ गए थे। आयोजकों ने नीचे उतारा था, फिर भी उन्होंने कई बार मंच पर चढ़ने का प्रयास किया। ऐसे में लोगों ने उन्हें समारोह से बाहर कर दिया था। इस कारण दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। भीड़ जुटने पर शहनवाज रेलवे ट्रैक के रास्ते वहां से भाग निकले थे। इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
शहनवाज को देख लोको पायलट ने हॉर्न बजाया था
इंस्पेक्टर के मुताबिक तफ्तीश में पता चला कि घटना के समय श्रमजीवी एक्सप्रेस (डाउन) वहां से गुजरी थी। ट्रेन के लोको पायलट सरोजनीनगर निवासी सुलेमान अहमद श्रमजीवी एक्सप्रेस को मुगल सराय स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन ले जा रहे थे, तभी रहमत नगर व छंदरौली स्टेशन के बीच ट्रैक पर एक युवक के दिखने पर उन्होंने हॉर्न बजाया था। मगर नशे में होने के चलते शहनवाज पटरी से उतरते समय लड़खड़ा गए और इंजन के एक तरफ के हिस्से से टकराकर उनकी मौत हो गई। लोको पायलट ने अगले स्टेशन छंदरौली पर स्टेशन मास्टर को हादसे की लिखित सूचना भी दी थी।