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Lucknow News: सिपाही की आंख में मिर्च पाउडर झोंक कर भागा बंदी

Tue, 03 Dec 2024 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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दिवानी न्यायालय में घटना के बाद जिला अस्पताल में बंदी की जांच कराते पुलिसकर्मी। - फोटो : संवाद
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रायबरेली। दीवानी कचहरी में पेशी पर लाए गए बंदी ने सिपाही की आंख में मिर्च पाउडर झोंककर भागने की कोशिश की। शोर सुनकर चंद कदम की दूरी पर वकीलों व पुलिसकर्मियों ने उसे दौड़कर पकड़ लिया। जांच में पता चला कि तीन दिन पहले जेल से छूटे उसके साथी ने ही उसे मिर्च दी थी। बंदी ने साथी के साथ जेल में ही ऐसा करने की साजिश रची थी। घटना से कचहरी परिसर में अफरातफरी मच गई।
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नसीराबाद थाना क्षेत्र के हाजीपुर निवासी सैफ उर्फ इमरान साल 2020 से हत्या व चोरी के मामले में जिला कारागार रायबरेली में बंद है। सुबह उसे जिला कारागार से पेशी पर दीवानी कचहरी स्थित कोर्ट लाया गया था। पेशी के बाद इमरान को लॉकअप ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बंदी ने सिपाही हिमांशू सिंह की आंख में मिर्च झोंक दी। अचानक आंखों में लाल मिर्च पड़ने पर सिपाही को कुछ दिखाई नहीं दिया। बंदी ने झपट्टा मारकर सिपाही से हाथ छुड़ा लिया और भागने लगा।

सिपाही के शोरगुल मचाने पर वकीलों को बंदी के भागने की जानकारी हुई। लॉकअप में तैनात अन्य पुलिसकर्मी भी आ गए। वकीलों की मदद से बंदी इमरान को पकड़ लिया गया। जानकारी मिलने पर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर आ गए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर बंदी इमरान व उसके साथी आसिफ के खिलाफ मिर्च झोंकने, साजिश रचने का केस दर्ज किया गया है। आसिफ सदर कोतवाली का भी हिस्ट्रीशीटर है।
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जेल में ही रची थी साजिश
पुलिस की पूछताछ में इमरान ने बताया कि रायबरेली शहर के खालीसहाट निवासी अमर उर्फ आसिफ भी उसके साथ जेल में बंद था। तीन दिन पहले आसिफ जेल से बाहर आ गया था। उसने कहा था कि तुम हत्या व चोरी के मामले में जेल में बंद हो। जल्दी तुम्हारी जमानत नहीं हो पाएगी। इसलिए जब पेशी पर आना तो सिपाही पर मिर्च झोंककर भाग जाना। जिस दिन पेशी पर आओगे, उस दिन मैं तुम्हें लाल मिर्च दूंगा।


सिपाही को भेजा गया अस्पताल
घटना के बाद सिपाही हिमांशू सिंह को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। ईएमओ डॉ. रोशन पटेल ने सिपाही का प्राथमिक उपचार किया। सिपाही को नेत्र रोग विशेषज्ञ को आंख दिखाने की सलाह दी गई।


सुरक्षा मेंं सेंध लगाने की कोशिश
गनीमत रही कि अधिवक्ताओं के मदद से चंद कदम दूरी भागने के दौरान ही बंदी इमरान को पकड़ लिया गया, वरना यह घटना न सिर्फ पुलिस के लिए मुसीबत बन जाती। वैसे भी दीवानी कचहरी की सुरक्षा अहम मानी जाती है। यही वजह है कि दीवानी कचहरी परिसर में पुलिस चौकी भी स्थापित की गई है। सिपाही के आंखों में लाल मिर्च झोंककर बंदी ने कचहरी की सुरक्षा में सेंध लगाने का प्रयास किया।
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