लखनऊ। नौ करोड़ की ठगी के आरोपी विराज त्रिवेदी को वडोदरा के होटल एपेक्स में पुलिसवालों ने दो दिनों तक ठहराया था। सभी सुविधाएं मुहैया कराईं।
सूत्रों के मुताबिक पूरा खर्च आरोपी की तरफ से उठाया गया। फिलहाल जांच में ये स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर किस तरह से खेल किया गया और कहां लापरवाही रही।
बॉलीवुड स्टार गुरु रंधावा, नोरा फतेही, टाइगर श्राफ, सचेत-परंपरा और सनी लियोनी का लाइव कंसर्ट कराने के नाम पर नौ करोड़ की ठगी के मामले में गुजरात के सूरत निवासी विराज त्रिवेदी को जेल भेजा गया था।
23 सितंबर को पुलिस अभिरक्षा में उसको गुजरात के भावनगर पेशी पर ले जाया गया था। 27 की सुबह वह पुलिस अभिरक्षा से भाग गया था। अभिरक्षा में तैनात दरोगा गौरव चौधरी, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार यादव, सिपाही हरीश कुमार, सिपाही मुकेश कुमार मौर्य, सिपाही रोहित कुमार व सिपाही बालेंद्र सिंह (चालक) को निलंबित कर दिया गया था।
महानगर थाने में इन पुलिस वालों के खिलाफ लोक सेवक की लापरवाही से हिरासत से आरोपी के भाग जाने की धारा में सोमवार को केस दर्ज कराया गया है। वडोदरा के कुभरवाड़ा थाने के एडिशन इंस्पेक्टर राउल ने बताया कि जो बंदी कस्टडी से भागा वह एपेक्स होटल में दो दिनों तक रुका था। पुलिस वालों संग ही वह बाहर निकला था। उसी दौरान भागा। नियमानुसार आरोपी को पास के पुलिस थाने में रोका जाना चाहिए था।
परिवार वालों से भी कराई मुलाकात
साजिश रचकर ही आरोपी को भगाया गया। ये बात पूरी तरह स्पष्ट है। क्योंकि सुबह नाश्ते के लिए होटल से बाहर निकलना और एक स्कूटी का आना और उससे उसका भाग जाना। पूरी तरह से स्क्रिप्टेड है। सूत्रों के मुताबिक पेशी के दौरान जब उसको ले जाया गया तब परिवार वालों से भी मुलाकात कराई गई। हालांकि आधिकारिक पुष्टि इसकी नहीं हो सकी है। जांच के बाद स्पष्ट होगा।
अफसर करते रहे कॉल, किसी ने नहीं की रिसीव
मामले की जानकारी के बाद पुलिस लाइन के रिजर्व इंस्पेक्टर ने सबसे पहले दरोगा गौरव को कॉल की। उन्होंने उत्तर नहीं दिया। फिर पांचों पुलिस वालों को फोन किया। किसी ने जवाब नहीं दिया। रविवार देर रात ये सभी लौटे। इस रवैया से साजिश के तहत आरोपी को भगाने का शक गहरा गया है। केस के विवेचक ने इन पुलिसवालों को नोटिस जारी किया है। जल्द बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।