लखनऊ। कानपुर रोड स्थित एलडीए कालोनी का एक प्लॉट 11 वर्ष में सात बार बिका और अब एलडीए कह रहा है कि उसकी पहली रजिस्ट्री फर्जी थी। इससे छठे खरीदार के होश उड़ गए हैं। उसने वर्ष 2022 में 1.20 करोड़ रुपये का यह प्लाट खरीदा है। एलडीए ने रजिस्ट्री को निरस्त करने और मौके पर किए निर्माण को तोड़ने का नोटिस जारी किया है। हैरान करने वाला यह मामला बृहस्पतिवार को एलडीए की जनता अदालत में सामने आया।
विवेक वर्मा ने बताया कि उन्होंने एलडीए कॉलोनी के सेक्टर-डी में भूखंड (संख्या-267) वर्ष 2022 में कॉलोनी की अमरजीत कौर से खरीदा है। इसके लिए लोन भी लिया। बताया कि उनसे पहले यह प्लॉट छह बार बिक चुका था। खरीदने से पहले जो जरूरी जो जांच पड़ताल भी की।
विवेक ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले एलडीए की ओर से कहा गया कि प्लॉट की सुनील कुमार चेल्लानी के नाम पर हुई पहली रजिस्ट्री फर्जी है। बताया गया कि असली चेल्लानी की जगह किसी और को खड़ाकर रजिस्ट्री की गई है। विवेक का कहना है कि रजिस्ट्री फर्जी थी तो एलडीए अब तक क्या कर रहा था? उसने जांच कर दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
उनका यह भी कहना है कि भूखंड खरीदने से पहले उन्होंने एलडीए की वेबसाइट पर भी इसकी जांच की थी। यदि रजिस्ट्री फर्जी थी तो उस पर दर्ज नहीं किया जाना चाहिए था। अब एलडीए कह रहा है कि उनकी रजिस्ट्री निरस्त कर देगा और मकान तोड़ देगा। यह स्थिति तब है जब पहले आवंटी ने मानचित्र भी एलडीए से पास कराया था। एलडीए के जिन कर्मचारियों ने उस समय गवाही दी थी वे भी मुकर गए हैं और अब कह रहे हैं कि उनके साइन नहीं है। आरोप लगाया कि इनमें तत्कालीन संपत्ति अधिकारी गजेंद्र कुमार, अनुभाग अधिकारी देवचंद्र राम, योजना सहायक राघुवीर व गवाह बिजेंद्र सिंह शामिल हैं। उधर, नवरात्र का पहला दिन होने के कारण जनता अदालत में शिकायत करने वाले कम ही पहुंचे। 17 शिकायतकर्ता ही आए। अमूमन यह संख्या 50 के आसपास रहती थी। चार मामलों का निस्तारण किया गया।
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ये शिकायतें भी आईं
0 कृष्णानगर के मंगला प्रसाद ने बताया कि वर्ष 1979 में उनके पिता व पत्नी ने अलीगंज की ईडब्ल्यूएस आवासीय योजना में मकान के लिए आवेदन किया था। दोनों ने 300-300 रुपये आवेदन शुल्क जमा किया था। उन्हें न तो मकान मिला और न ही जमा रकम वापस मिली है। वह 46 वर्ष से दौड़ रहे हैं। इस बार भी यही कहा गया कि रकम वापस कर दी जाएगी।
0 गोमतीनगर विस्तार के गंगा अपार्टमेंट की महिलाओं ने बताया कि 306 फ्लैटों में से 270 में लोग रह रहे हैं। इसके बाद भी आए दिन लिफ्ट बंद रहती है। बिजली गुल हो जाती है, क्योंकि आरडब्ल्यूए का चुनाव नहीं हो रहा है।
एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे लोग।
एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे लोग।
एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे लोग।
एलडीए की जनता अदालत में पहुंचे लोग।