लखनऊ। गोमतीनगर स्थित अंबेडकर पार्क रोड से रविवार को कुत्तों के बंदीकरण के विरोध में ‘पिंजरा तोड़ रैली’ निकाली गई। अंबेडकर पार्क से 1090 चौराहे तक आयोजित रैली में शामिल लोगों ने आवारा कुत्तों को सामूहिक रूप से बंदी बनाने की नीति का विरोध करते हुए नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें उसी क्षेत्र में छोड़े जाने की मांग उठाई।
रैली में छात्र, वकील, डॉक्टर, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि, बाइकर्स, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य शामिल हुए। प्रतिभागियों ने कुत्तों के बंदीकरण को अव्यावहारिक और अमानवीय बताते हुए पशु क्रूरता व विस्थापन पर रोक लगाने की मांग की।
डॉ. विशाखा शुक्ला ने कहा कि कुत्तों को बंदी बनाना समस्या का समाधान नहीं है। एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम को पूर्ण वित्तपोषण और पारदर्शी तरीके से लागू किया जाए तथा साक्ष्य-आधारित रेबीज रोकथाम पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने नगर निकायों की जवाबदेही तय करने, निर्धारित भोजन क्षेत्र विकसित करने, संस्थागत पशु कल्याण समितियां बनाने और संस्थानों में बिना बंदीकरण वाले सुरक्षित क्षेत्र विकसित करने की भी मांग की।
प्रतिभागियों का कहना था कि प्रशासनिक कमियों के समाधान के रूप में हर जगह बंदीकरण ढांचा खड़ा करना उचित नहीं है। इसके बजाय टीकाकरण, जागरूकता और संरचित कैंपस प्रबंधन को मजबूत करना अधिक मानवीय और व्यावहारिक उपाय है। रैली में अंबिका शुक्ला, गौरी मौलेखी, संक्षय बब्बर, पर्सी बिलिमोरिया, जयदीप माथुर, जैस्मिन दमकेवाला, पौलोमी पाविनी शुक्ला, डॉ. विवेक विश्वास, रात्री किशोर और विशाखा चटर्जी सहित कई रेस्क्यू संगठनों व नागरिक समूहों के सदस्य मौजूद रहे।
पिंजरा तोड़ रैली में उठी बेजुबानों के लिए आवाज
पिंजरा तोड़ रैली में उठी बेजुबानों के लिए आवाज
पिंजरा तोड़ रैली में उठी बेजुबानों के लिए आवाज
पिंजरा तोड़ रैली में उठी बेजुबानों के लिए आवाज
पिंजरा तोड़ रैली में उठी बेजुबानों के लिए आवाज
पिंजरा तोड़ रैली में उठी बेजुबानों के लिए आवाज
पिंजरा तोड़ रैली में उठी बेजुबानों के लिए आवाज
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