स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण लागू किए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में जनहित याचिकाओं पर शुक्रवार को समय की कमी के कारण सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई शनिवार को नियत की है। साथ ही चुनाव अधिसूचना जारी करने पर लगी रोक भी शनिवार तक बढ़ा दी है। शीतकालीन अवकाश शुरू होने के मद्देनजर कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति या वरिष्ठ न्यायाधीश से जरूरी अनुमति लेकर इस मामले को 24 दिसंबर को सवा दस बजे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ बीते बुधवार को सुनवाई के दौरान याचियों की ओर से दलील दी गई थी कि निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण एक प्रकार का राजनीतिक आरक्षण है। ओबीसी आरक्षण तय किए जाने से पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई व्यवस्था के तहत डेडिकेटेड कमेटी द्वारा ट्रिपल टेस्ट कराना अनिवार्य है। वहीं, राज्य सरकार ने हलफनामे में कहा है कि स्थानीय निकाय चुनाव मामले में 2017 में हुए ओबीसी के सर्वे को आरक्षण का आधार माना जाए।