नाटक को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में उतारा गया।
लखनऊ। सिख गुरु गोबिंद सिंह की लिखी प्रसिद्ध उक्ति ‘पुर्जा पुर्जा कट मरे’ पर आधारित नाटक को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में उतारा गया। मंजुश्री संस्था की ओर से शुक्रवार को मंचित इस नाटक की परिकल्पना और निर्देशन शैलेश श्रीवास्तव का रहा। मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त दिलीप अग्निहोत्री ने दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम की संयोजक नलिनी श्रीवास्तव और विवेक शुक्ला ने बताया कि नाटक में करुणाशंकर उपाध्याय, सैयद आलेख मेहंदी, आशुतोष पांडेय, अदिती तिवारी, अंशुमाला, अनिल कुमार और पूनम यादव ने मुख्य भूमिकाएं निभाईं। आयोजन में पांच महिलाओं को मंजुश्री सम्मान से नवाजा गया। इनमें आईएएस अपर निदेशक स्थानीय निकाय ऋतु सुहास के अलावा संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, पुलिस उपाधीक्षक डॉ. परवीन आजाद, हिंदी संस्थान की मुख्य संपादक अमिता दुबे और समाजसेवी ज्योति किरन रतन शामिल रहीं। (माई सिटी रिपोर्टर)
नाटक को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में उतारा गया।
नाटक को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में उतारा गया।
नाटक को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में उतारा गया।
नाटक को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में उतारा गया।
नाटक को संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में उतारा गया।