लखनऊ। सेतु निगम ने सात वर्ष से ठंडे बस्ते में पड़ी चारबाग के पान दरीबा से मेडिकल कॉलेज तक एलीवेटेड पुल बनाने की कवायद नए सिरे से शुरू की है। पौने चार किमी लंबा पुल बनाने पर करीब 630 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। यह पुल भूमिगत मेट्रो ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा।
सेतु निगम मुख्यालय के बड़े अफसर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के करीबी की पैरवी पर एलीवेटेड पुल का दोबारा खाका तैयार किया जा रहा है। केजीएमयू, इमामबाड़ा की राह सुगम बनाने की पहल है। इस एलीवेटेड पुल की एक उपमुख्यमंत्री भी पैरवी कर चुके है। यदि कई तकनीकी खामी न होती तो यह अब तक बन गया होता। अफसर का कहना है कि ऊपर से निर्देश मिला है, इसलिए एलीवेटेड पुल को धरातल पर उतारने की माथापच्ची चल रही है। भूमिगत मेट्रो ट्रैक के ऊपर पिलर बनाने के लिए 40 फीट की गहराई तक खोदाई करना सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
रकाबगंज चौराहे पर बनेगा जंक्शन
मेट्रो का चारबाग से बसंतकुंज का रूट पांडेयगंज, रकाबगंज होकर जाएगा। मेट्रो का जंक्शन रकाबगंज चौराहे पर बनेगा, जहां अमीनाबाद व चारबाग से आने वाले मेट्रो रूट का मिलान होगा। चारबाग से रकाबगंज चौराहे तक मेट्रो का रूट भूमिगत होगा। इसके ठीक ऊपर एलीवेटेड पुल बनाया जाएगा।
प्रस्तावित एलीवेटेड पुल का रूट
सेतु निगम के मुताबिक पान दरीबा से मेडिकल कॉलेज चौराहे होते हुए शताब्दी भवन तक एलीवेटेड पुल बनना प्रस्तावित है। पान दरीबा से निर्माण शुरू होगा, जो बांसमंडी फ्लाईओवर के ऊपर से बिरहाना, पांडेयगंज, रकाबगंज चौराहा, सुभाष मार्ग, आगामीर ड्योढ़ी, मेडिकल कॉलेज चौराहा, शाहमीना इंटर कॉलेज रोड होकर शताब्दी भवन तक जाएगा। रकाबगंज चौराहे पर यह तिरछा होकर रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा।