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Lucknow News: अपमान का बदला लेने के लिए की थी प्याज कारोबारी की हत्या

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पुलिस की गिरफ्त में कारोबारी की हत्या के आरोपी।
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लखनऊ। गुडंबा के अर्जुन एन्क्लेव निवासी प्याज कारोबारी उमाशंकर सिंह हत्याकांड का राजफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक आरोपियों ने अपमान का बदला लेने के लिए उमाशंकर की हत्या की थी।
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मूल रूप से सुल्तानपुर के लंभुआ भरखरे निवासी उमाशंकर से आरोपियों ने कारोबार के लिए 60 लाख रुपये लिए थे। रकम वापस न करनी पड़े, इसलिए भी हत्या की साजिश रची गई। हत्या के आरोप में सुल्तानपुर के सरकसी शिवगढ़ निवासी संजय कुमार चौहान, उसके भाई शिवा सिंह, सालों प्रतापगढ़ के आशापुर गजरिया के कविनंदन व अभिनंदन को गिरफ्तार किया गया है।

डीसीपी ने बताया कि एक साल पहले संजय की मुलाकात उमाशंकर से हुई थी। उसने प्याज का कारोबार करने के लिए उमाशंकर से 10 प्रतिशत ब्याज पर 60 लाख रुपये उधर लिए। इसके बाद नासिक से प्याज मंगवाकर व्यापार शुरू किया।
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पूछताछ में संजय ने बताया कि रकम देने के बाद कुछ दिन तक उमाशंकर का व्यवहार ठीक था। बाद में उसने संजय व शिवा के साथ नौकरों जैसा व्यवहार शुरू कर दिया। शराब पीने के बाद वह अकसर गालियां देता, जिससे दोनों नाराज थे।

संजय ने शिवा, कविनंदन और अभिनंदन के साथ मिलकर उमाशंकर की हत्या की साजिश रची। योजना के तहत 23 जून की रात संजय और कविनंदन उमाशंकर के लखनऊ स्थित किराये के कमरे में पहुंचे। दोनों तभी आए, जब वैशाली खाना बनाकर जा चुकी थी। इसके बाद तीनों ने जमकर शराब पी। इस दौरान उमाशंकर ने दोनों से पैर दबाने के लिए कहा। कविनंदन ने इसके बहाने दबोचा और संजय ने चापड़ से उमाशंकर का गला रेत दिया।





अपमान से क्षुब्ध शिवा ने किया था आत्महत्या का प्रयास

आरोपियों ने बताया कि उमाशंकर ने संजय से उसकी 12 बिसवा जमीन का एग्रीमेंट भी करवा लिया था। उधर, बार-बार अपमानित किए जाने से क्षुब्ध होकर शिवा ने एक बार आत्महत्या का भी प्रयास किया था।



घटना के वक्त थाने पर बैठा था शिवा

शिवा पर हर्ष फायरिंग का केस गुडंबा थाने में दर्ज था। साजिश के तहत वह घटना के वक्त थाने में बैठा था, ताकि उस पर शक न हो। वह पुलिस और उमाशंकर के घरवालों को गुमराह करता रहा। शिवा उमाशंकर की पत्नी ममता को थाने ले गया और एफआईआर दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर प्रभातेज श्रीवास्तव ने बताया कि संजय ने वारदात के लिए कार बुक की थी, जिसे उमाशंकर के कमरे से काफी दूर खड़ा किया था। हत्या के बाद संजय ने सुनसान जगह पर कपड़े बदले और दूसरी कार से भाग निकला। छानबीन में पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में दो संदिग्ध दिखाई दिए। इसके बाद बेहटा फ्लाईओवर के पास से आरोपियों को दबोच लिया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल चापड़, सूजा और खून से सने संजय के कपड़े बरामद किए हैं।
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