चौक सि्थत मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा
लखनऊ। चौक सि्थत मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चौथे दिन शनिवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का बखान किया गया। इसमें श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का त्रिवेणी संगम देखने को मिला। कथावाचक राघवाचार्य ने भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग सुनाया तो पूरा परिसर ''नंद घर आनंद भयो'' गीत से भक्तिमय हो गया। राघवाचार्य ने वामन अवतार की व्याख्या करते हुए बताया कि अहंकार का दान ही ईश्वर की सच्ची प्राप्ति है। उन्होंने समुद्र मंथन के प्रसंग के जरिये जीवन में आने वाले विष (कठिनाइयों) को धैर्य से पीने और अमृत (सुख) को बांटने का संदेश दिया। इसके बाद बाल कृष्ण के स्वरूप को टोकरी में लाया गया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर गुलाल और फूलों की वर्षा की। महंत विवेकानंद गिरी, देवराज सिंह, मेघना, अभय उपाध्यय, तुषार, विकास, आदर्श आदि लोग मौजूद रहे।
चौक सि्थत मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा
चौक सि्थत मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा