पिता का शव देखकर रोतीं गरिमा। -संवाद
लखनऊ। सीतापुर रोड पर देवरी रुखारा क्राॅसिंग के पास बृहस्पतिवार सुबह सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर ट्राॅली में कार के टकराने से बेरली के सुभाषनगर निवासी विकास चंद्र हजेला (60) और उनके बेटे गौरव (42) की मौत हो गई थी। हादसे में गौरव की पत्नी प्राची (37) बेटा, अयान (7) और चालक बरेली के इज्जतनगर निवासी अर्पित दीक्षित घायल हो गए थे। हादसे के दूसरे दिन भी प्राची की हालत गंभीर देख परिजनों ने उन्हें पति की मौत की जानकारी नहीं दी। अयान को भी नहीं पता है कि अब उसके पापा दुनिया में नहीं हैं।
पुलिस ने परिजनों के आने के बाद शुक्रवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। विकास की बेटी गरिमा अन्य रिश्तेदारों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंची थीं। गरिमा की मौसी संगीता ने बताया कि लखनऊ में ही अंतिम संस्कार किया गया। गरिमा जोधपुर में एक बैंक में अधिकारी हैं। वहीं, विकास पहले परिवार के साथ हैदराबाद में रहते थे। पहली पत्नी की 20 साल पहले हैदराबाद में बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की थी।
इंग्लैंड में इंजीनियर की नौकरी छोड़कर शुरू किया था कारोबार
गौरव पहले इंग्लैंड में इंजीनियर थे। हालांकि, पिता के दबाव पर वह आठ साल पहले नौकरी छोड़कर लौट आए थे और अपना कारोबार शुरू किया था। सेवानिवृत्त होने के बाद विकास परिवार के साथ बरेली में शिफ्ट हो गए थे। उल्लेखनीय है कि बरेली से अयोध्या दर्शन करने जाते समय कार सीतापुर रोड पर ट्रैक्टर ट्रॅाली से टकरा गई थी।