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Lucknow News: सही सलामत टाइल्स को उखाड़ लगा रहे थे नई, महापौर भड़कीं

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सही सलामत टाइल्स को उखाड़ लगा रहे थे नई, महापौर भड़कीं
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लखनऊ। कैसरबाग इलाके में सड़क किनारे लगी दुरुस्त टाइल्स को उखाड़कर नई टाइल्स लगाई जा रही थी। महापौर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को मौके पर जाकर ये घपला पकड़ा। उन्होंने कहा कि ये भ्रष्टाचार है। बीस लाख रुपये का बजट खपाने और कमीशनबाजी के लिए टाइल्स बदलने का काम कौन विभाग कर रहा है, ये रहस्य है। नगर निगम को इसके बारे में कुछ पता नहीं है।




इस मामले में निगरानी में लापरवाही को लेकर नगर निगम के अवर अभियंता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। काम किस विभाग का है, यह पता न चलने से नाराज महापौर ने कहा कि जब ये पता नहीं चलेगा कि यह किसका काम है, तब तक कोई विकास कार्य नहीं होगा।
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मामला जगदीश चंद्र बोस वार्ड में महापौर के सरकारी आवास से चंद कदम दूर बालाकदर रोड का है। यहां फुटपाथ पर पहले से लगी सही सलामत टाइल्स को उखाड़कर नई टाइल्स लगाई जा रही हैं। जिसकी जानकारी पर महापौर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे मौके पर पहुंची। देखा कि सही टाइल्स को उखाड़ दिया गया है। इसको लेकर उन्होंने मौके पर ही नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ललित कुमार व मुख्य अभियंता महेश वर्मा को तलब किया और सख्त नाराजगी जताई। मुख्य अभियंता को टाइल्स दिखाते हुए पूछा कि क्या ये टाइल्स उखाड़ी जानी चाहिए थी? मुख्य अभियंता ने कहा कि ये टाइल्स बिलकुल ठीक है। इसको उखाड़कर दूसरी लगाए जाने का कोई औचित्य नहीं। महापौर ने सवाल दागा कि फिर इसका एस्टीमेट किसने बनाया, कैसे काम हो रहा था? मुख्य अभियंता ने कहा कि यह काम नगर निगम से नहीं कराया जा रहा है। कौन सा विभाग कर रहा है इसका पता करेंगे।



शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट

नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इंजीनियरों से बात की गई है। उनका कहना है कि जो काम हो रहा था वह नगर निगम का नहीं है। हालांकि वार्ड में कहां पर क्या काम हो रहा है, यह देखना संबंधित इंजीनियर की जिम्मेदारी है। उसको प्रतिदिन निरीक्षण करना चाहिए। इसमें लापरवाही को लेकर इंजीनियर अरुण मेहता को निलंबित करने की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।



इंजीनियर ने दर्ज कराई ऑनलाइन एफआईआर

कार्रवाई की जानकारी के बाद इंजीनियरों ने अफसरों को पत्र लिखाकर सफाई दी है कि वार्ड में निरीक्षण के लिए कोई सुपरवाइजर नहीं है। नगर निगम के अन्य कार्यों के साथ हर दिन वार्ड में निरीक्षण संभव नहीं है। जानकारी मिलने पर वह मौके पर गए मगर यह पता नहीं चला कि कौन विभाग काम कर रहा है। इसको लेकर ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।



सपा पार्षद रेशू का दावा - स्मार्ट सिटी से हो रहा है काम

नगर निगम के अफसर और इंजीनियर कह रहे हैं कि यह न तो नगर निगम का काम है और न स्मार्ट सिटी योजना का। वार्ड के सपा पार्षद यावर हुसैन रेशू का कहना है कि मेरे कोटे का काम नहीं है। यदि होता तो मुझे पता होता। उनका कहना है कि यहां स्मार्ट सिटी वाले काम करा रहे होंगे। स्मार्ट सिटी वाले किसी को बताते नहीं और जहां चाहते हैं काम शुरू कर देते हैं।
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तीन महीने में सपा पार्षद के वार्ड में दूसरा छापा

करीब तीन महीने पहले महापौर सुषमा खर्कवाल ने सपा पार्षद दल के नेता कामरान बेग के नजरबाग वार्ड में छापा मारा था और सही टाइल्स उखाड़े जाने का मामला पकड़ा था। उस समय भी इंजीनियरों ने कहा था कि यह काम नगर निगम से स्वीकृत नहीं है। अब यह दूसरा मामला सपा पार्षद यावर हुसैन रेशू के जेसी बोस वार्ड का है। यहां पर काम कौन करा रहा पता नहीं चल रहा है। यह भी चर्चा है कि महापौर भाजपा पार्षदों के वार्ड में कार्रवाई नहीं कर रहीं। करीब एक सप्ताह पहले विवेकानंदपुरी वार्ड के पांडेय टोला में इसी तरह मामला सामने आया था मगर किसी पर कार्रवाई नहीं की गई।


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