काकोरी के लालताखेड़ा गांव हत्या के बाद मौजूद पर मौजूद ग्रामीण, सड़क पर फैला खून का निशान व रोते
लखनऊ। काकोरी के लालताखेड़ा गांव में हुई पीलीभीत के माधौटांडा निवासी राम सागर (25) की हत्या सोची समझी साजिश के तहत की गई। आरोपी नाबालिग साले ने राम सागर को कामिनी से मिलाने के बहाने बुलाया था। इसके बाद बाकी आरोपियों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। कामिनी के घरवाले शुरू से ही इस प्रेम विवाह के खिलाफ थे।
राम सागर के परिजनों ने बताया कि कुछ वक्त से राम सागर गुजरात के सूरत में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे थे। कुछ दिन पहले उन्हें पता चला कि ससुराल वाले कामिनी की दूसरी शादी करने जा रहे हैं। उन्होंने रिश्ते के नाबालिग साले से बातचीत की। उसने राम सागर को कामिनी से मिलाने के बहाने लखनऊ बुलाया। वह भाई राहुल के साथ ससुराल पहुंचे तो आरोपियों ने साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी।
दिसंबर में दर्ज हुई थी कामिनी की गुमशुदगी
कामिनी के परिजनों ने 14 दिसंबर 2024 को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। करीब एक माह चार दिन बाद परिजनों ने पुलिस को बताया कि कामिनी वापस आ गई है और मौसी के यहां रह रही है। पुलिस ने युवती के बयान के आधार पर दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट को समाप्त कर दिया था। इसके बाद से अब तक इस संबंध में कोई शिकायत पुलिस से नहीं की गई।
मां को बेटे के साथ अनहोनी का था अंदेशा, भाई को भेजा था साथ
राम सागर के परिवार में मां आनंदवती, भाई आदर्श और बहन लक्ष्मी हैं। मां आनंदवती के मुताबिक राम सागर पहली बार जब ससुराल गया था तो उन्होंने उसे अकेला नहीं भेजा था। उन्हें अंदेशा था कि उसके साथ अनहोनी हो सकती है। सोमवार को भी वह बड़े भाई के साथ पत्नी को घर लाने की उम्मीद में निकला था। घर में बहू के स्वागत की तैयारी हो रही थी, लेकिन रात में घटना की जानकारी होने पर मातम पसर गया।
काकोरी के लालताखेड़ा गांव हत्या के बाद मौजूद पर मौजूद ग्रामीण, सड़क पर फैला खून का निशान व रोते
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