हाईकोर्ट परिसर के आसपास बने वकीलों के चैंबर।
लखनऊ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने कैसरबाग इलाके में पुराना हाईकोर्ट परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें पुलिस और जिला प्रशासन की भी मदद ली जाएगी।
जोनल अधिकारी ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि कार्रवाई से पहले नगर निगम अतिक्रमणकारियों को खुद कब्जा हटाने के लिए तीन दिन का मौका देगा, उसके बाद अभियान चलाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इससे पहले एक सार्वजनिक नोटिस भी नगर आयुक्त की ओर से समाचार पत्रों में प्रकाशित कराया जाएगा।
अतिक्रमण के कब्जे में सड़कें, चलना मुश्किल
कैसरबाग में पुराना हाईकोर्ट परिसर से डीएम कार्यालय के गेट के पास तक फुटपाथ पर दोनों ओर कब्जे हैं। टिनशेड डालकर और दरवाजा लगाकर लोगों ने ऑफिस बना लिए हैं। यही हाल डीएम ऑफिस के पीछे से नारी काॅलेज और राजा नवाब अली रोड की ओर का है। यह हाल तब है, जबकि स्मार्ट सिटी योजना में करीब 20 करोड़ रुपये खर्च कर सड़क और फुटपाथ को करीब चार साल पहले संवारा गया था। सिविल कोर्ट की ओर भी यही हाल है। पुराना आरटीओ ऑफिस वाली रोड पर भी सीएमओ ऑफिस तक अवैध कब्ज है। यहां भी नाला-नाली और फुटपाथ पर पक्का निर्माण कर लिया गया। यह स्थिति तहसील की ओर भी है।
हाईकोर्ट परिसर के आसपास बने वकीलों के चैंबर।
हाईकोर्ट परिसर के आसपास बने वकीलों के चैंबर।
हाईकोर्ट परिसर के आसपास बने वकीलों के चैंबर।