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Lucknow News: दिसंबर बाद बकाया गृहकर पर ब्याज नहीं माफ कर पाएगा नगर निगम

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लखनऊ। नगर निगम दिसंबर के बाद बकाया गृहकर पर ब्याज नहीं माफ करेगा। अभी करीब ढाई लाख बकायेदारों का 223 करोड़ रुपये ब्याज माफ किया जा रहा है। 15 दिसंबर को एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) समाप्त होने के बाद नगर निगम में ब्याज माफी पर रोक लग जाएगी। फिर ब्याज तभी माफ होगा जब शासन आदेश करेगा। इसका कारण है कि नगर निगम अधिनियम में ब्याज माफी की व्यवस्था नहीं है।
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मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय का कहना है कि पूरे प्रदेश के किसी नगर निगम में बकाया गृहकर पर ब्याज माफ करने की व्यवस्था नहीं है। अभी उनका ब्याज माफ किया जाता है जिनका गृहकर संशोधित होता है या पहली बार इसका निर्धारण होता है। ऐसे में गलत निर्धारण पर संशोधन तो होगा पर बकाये पर ब्याज लगेगा। ओटीएस में आ रहे भवनस्वामियों पर ब्याज सहित करीब 650 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इसमें से करीब 223 करोड़ रुपये ब्याज है।


अब नहीं छिपा सकेंगे गृहकर में घपलेबाजी
अभी नगर निगम के टैक्स इंस्पेक्टर अपने फायदे के लिए गृहकर को कम-ज्यादा करते हैं तो उसकी जानकारी नगर निगम तक ही सीमित रहती है। हालांकि, अब ऐसा नहीं हो पाएगा। शासन के आदेश पर गृहकर का पूरा डाटा सॉफ्टवेयर ई नगर सेवा पर भी शिफ्ट कर दिया गया है। ऐसे में कोई बदलाव होगा तो शासन के अधिकारी भी इसे देख सकेंगे।
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पूरे प्रदेश में होगा गृहकर का एक सॉफ्टवेयर
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय ने बताया कि अब पूरे प्रदेश में गृहकर का एक सॉफ्टवेयर ई नगर सेवा होगा। इसके जरिये गृहकर निर्धारण और नामांतरण का काम होगा। होटल, अस्पताल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम और शराब की दुकान आदि के लाइसेंस का काम ई नगर सेवा से ही हो रहा है। एक महीने में गृहकर से जुड़े सभी काम भी इसी से होंगे। अभी नगर निगम का गृहकर का काम एनआईसी के सॉफ्टवेयर पर है।
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