इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमआईए) की ओर से गोमती नगर स्थित होटल में आयोजि
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जी-20 समिट के बाद एमएसएमई क्षेत्र के तहत प्रदेश के लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिला। आगे भी इस क्षेत्र में रोजगार की सर्वाधिक संभावना बनी रहेगी। लघु व सूक्ष्म उद्योग क्षेत्र उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का मजबूत आधार है। ये बातें बताैर मुख्य अतिथि प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रविवार को इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमआईए) की ओर से गोमती नगर स्थित होटल में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।उत्तर भारत रीजनल काउंसिल के इस कार्यक्रम में लघु उद्योगों की भूमिका और कॉस्ट अकाउंटेंट्स के योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। एमएसएमई यूपी: पावरिंग विकसित भारत 2047 विषय पर केंद्रित कार्यक्रम में एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ल और उद्योगपति सुधीर एस. हलवासिया ने भी बताैर विशिष्ट अतिथि अपनी बात रखी। कार्यक्रम में विभिन्न पीएसयू के निदेशकों ने भी भागीदारी की। विशेषज्ञ राकेश यादव व कार्यक्रम के संयोजक हनी सिंह ने बताया कि सीएमए, सरकार और उद्योगों के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमआईए) की ओर से गोमती नगर स्थित होटल में आयोजि