रायबरेली। दिसंबर की सर्दी ने परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है। शीतलहर का जोर बढ़ रहा है। रविवार को न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री रहा। इसका असर यह रहा कि सर्दी से पूरे दिन लोग परेशान रहे। तापमान गिरने से फसलों पर भी प्रभाव पड़ने लगा है। सब्जी वाली फसलों पर शुष्क हवा के साथ पड़ रही सर्दी आफत सरीखी है। सर्दी से आम लोगों की भी समस्या बढ़ने लगी है। दिन में धूप निकल रही है, लेकिन हवा सर्द होने से लोग धूप नहीं सेंक पा रहे हैं। रात में कड़ाके की सर्दी के कारण सड़कों पर सन्नाटा रहा।
पिछले पांच दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सर्दी अपने तेवर में आ रही है। सुबह से लेकर रात तक सर्दी का असर बना रहता है। दोपहर में कुछ देर के लिए राहत रहती है और बाकी समय सर्दी का सामना करना पड़ रहा है। इस बार कोहरा कम पड़ रहा है। शुष्क हवा के साथ सर्दी हो रही है। बर्फीली हवा शरीर को भीतर तक हिला रही है।
रात में खुली सड़क पर सफर करना सर्दी के कारण चुनौती भरा रहता है। हवा में तेजी होने से तापमान गिर रहा है तो फसलों पर भी संकट आने लगा है। सब्जियों की फसल के तने काले पड़ने की आशंका किसान जता रहे हैं। इसी कारण बाजार में मटर की आवक कम है और दाम भी आसमान पर हैं।
रविवार को दिसंबर माह की सबसे अधिक सर्दी रिकार्ड की गई। न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री रहा जो सामान्य से 5.8 डिग्री कम था। वहीं अधिकतम तापमान 23 डिग्री रहा, यह भी सामान्य से कम रहा। न्यूनतम तापमान में 24 घंटे के भीतर बड़ी गिरावट दर्ज की गई, इस कारण शाम पांच बजे से शीतलहर तेज हो गई है। रात एक बजे कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। अधिकतम तापमान में अभी बड़ी गिरावट नहीं आई, जिस कारण दोपहर के समय धूप निकलने से हल्की राहत रहती है।
इंदिरा गांधी उड़ान अकादमी फुरसतगंज के मौसम विशेषज्ञ दीतेंद्र सिंह के मुताबिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में असंतुलन बना हुआ है। इस कारण शुष्क सर्दी पड़ रही है। अभी घना कोहरा पड़ने की संभावना कम है।
फसलों पर झुलसा रोग की आशंका
हलोर (रायबरेली)। रात के समय हल्का पाला पड़ने से आलू, मटर और सरसों की फसलों को झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ गई है।महराजगंज विकासखंड क्षेत्र के पुरासी गांव निवासी प्रगतिशील किसान गंगासागर पांडे ने बताया कि पाला और शीतलहर का असर फसलों पर पड़ने लगा है। इसके लिए किसान जरूरत के मुताबिक उपाय करें।
किसान जगत नारायन मिश्रा, प्रेम शंकर मिश्रा, इंद्रदेव शुक्ल, उमाकांत पांडे, कौशलेंद्र सिंह, रामसागर चौधरी आदि ने बताया कि शीतलहर और पाला से सरसों, आलू, टमाटर, मिर्च, बैंगन, भिंडी की फसलों में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। अरहर, गन्ने, गेहूं तथा जौ की फसल भी प्रभावित हो सकती है।
रूम हीटर और ब्लोअर की बढ़ी बिक्री
सर्दी के तेवर तल्ख होने के साथ ही गर्म कपड़ों की बाजार और इलेक्ट्रॉनिक की दुकानों में ग्राहकों की संख्या बढ़ गई है। लोग सर्दी से बचने के लिए रूम हीटर और ब्लोअर खरीद रहे हैं। इस बार 400 रुपये लेकर पांच हजार तक के ब्लोअर बाजार में हैं। बिजली का काम करने वाले दुकानदार भी लोकल हीटर और ब्लोअर बनाकर बेच रहे है।
रूम हीटर की कीमत 400 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक है। लोगों की पसंद ब्रांडेड से अधिक स्थानीय कंपनी के हीटर और ब्लोअर की तरफ अधिक है। व्यापारी विनोद गुप्ता बताते हैं कि सर्दी बढ़ने से इलेक्ट्रानिक व्यापार में तेजी आई है। इस बार जिस तरह सर्दी पड़ना शुरू हुई है। उससे व्यापार आने वाले समय में और बढ़ेगा।