लखनऊ। बिजनौर के सरवन नगर में पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने वाले आरोपी पीओपी कारीगर को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया, वहां से वह जेल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, मृतक महिला के चाचा ने बताया कि दोनों ने प्रेम विवाह किया था। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं रहा। मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आने से मना कर दिया।
लिहाजा तीनों का अंतिम संस्कार बिजनौर पुलिस ने किया। मूलरूप से बलरामपुर के रतनपुर निवासी रामलगन गौतम बिजनौर में किराये के कमरे में रहता था।
28 मार्च की रात उसने पत्नी ज्योति (30), बेटी पायल (6) व बेटे आनंद (3) की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। शव बोरे में भरकर कमरे में रख दिया था।
रविवार दोपहर जब मकान मालिक वहां पहुंचे थे तब बदबू आने पर खिड़की से कमरे में देखा था, वहां लाशें दिखी थीं। इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। आरोपी रामलगन गौतम को गिरफ्तार कर लिया था।
डीसीपी साउथ तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि ज्योति के चाचा ने आने से मना कर दिया। वहीं रामलगन के माता पिता व तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। ऐसे में उसके परिवार में कोई नहीं है। रिश्तेदार कोई आया नहीं। इसलिए पुलिस ने अंतिम संस्कार किया। आरोपी को जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ पुख्ता साक्ष्य जुटाए गए हैं।
पत्नी को वापस लाने के बाद ही ठान ली थी हत्या करने की
पुलिस को आरोपी ने बताया था कि उसकी पत्नी कमता निवासी एक शख्स से बात करती थी। बीच में कुछ दिनों तक उसके पास जाकर रहने भी लगी थी। आरोपी का कहना था कि जब पत्नी को वहां से वापस लाया था तभी तय कर लिया था कि उसको अब जीने नहीं देगा। लेकिन ये तय नहीं कर पा रहा था कि हत्या कब और कैसे करे। 28 मार्च की रात उसी शख्स से फोन पर बातचीत करने के दौरान पत्नी से उसका विवाद हुआ। इसके बाद उसने वारदात को अंजाम दे डाला।